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आश्वासन पर अनशन स्थगित
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 08 Sep 2015 10:54 PM IST
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छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद एसपी और शहर कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर पूर्वांचल छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह का अनशन मंगलवार को कबीना मंत्री रामगोविंद चौधरी के आश्वासन पर स्थगित हो गया।
अनशन स्थल पर मोबाइल फोन से करीब आधे घंटे तक मंत्री ने नागेंद्र बहादुर सिंह से वार्ता की। इसके बाद मंत्री प्रतिनिधि नीरज सिंह, एडीएम खेमपाल सिंह, एएसपी केसी गोस्वामी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
नगर के शहीद चौक पार्क में धरने पर बैठे छात्र नेताओं की पिटाई के बाद पूर्वांचल छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनशन पर बैठ गए थे।
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उनकी मांग है कि प्रकरण में पुलिस अधीक्षक और शहर कोतवाल के खिलाफ जांच कराकर निलंबित किया जाए। साथ ही सतीश चंद्र कालेज में प्राचार्य द्वारा प्रवेश में किए जा रहे खेल की भी जांच कराई जाए।
कालेज प्रकरण पर जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है, लेकिन पुलिस अधीक्षक और कोतवाल के प्रकरण में कार्रवाई न होने पर छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह अनशन पर बैठ गए थे।
मंगलवार सुबह कबीना मंत्री रामगोविंद चौधरी ने मोबाइल फोन से छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह से पूरे प्रकरण पर बातचीत की और आश्वासन दिया कि दो-तीन दिन के अंदर मांगें पूरी कर दी जाएंगी। इसके बाद मंत्री प्रतिनिधि नीरज सिंह के साथ ही एडीएम और एएसपी ने छात्रनेता को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
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अनशन स्थल पर मोबाइल फोन से करीब आधे घंटे तक मंत्री ने नागेंद्र बहादुर सिंह से वार्ता की। इसके बाद मंत्री प्रतिनिधि नीरज सिंह, एडीएम खेमपाल सिंह, एएसपी केसी गोस्वामी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
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नगर के शहीद चौक पार्क में धरने पर बैठे छात्र नेताओं की पिटाई के बाद पूर्वांचल छात्र संघर्ष मोर्चा के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनशन पर बैठ गए थे।
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उनकी मांग है कि प्रकरण में पुलिस अधीक्षक और शहर कोतवाल के खिलाफ जांच कराकर निलंबित किया जाए। साथ ही सतीश चंद्र कालेज में प्राचार्य द्वारा प्रवेश में किए जा रहे खेल की भी जांच कराई जाए।
कालेज प्रकरण पर जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है, लेकिन पुलिस अधीक्षक और कोतवाल के प्रकरण में कार्रवाई न होने पर छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह अनशन पर बैठ गए थे।
मंगलवार सुबह कबीना मंत्री रामगोविंद चौधरी ने मोबाइल फोन से छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह से पूरे प्रकरण पर बातचीत की और आश्वासन दिया कि दो-तीन दिन के अंदर मांगें पूरी कर दी जाएंगी। इसके बाद मंत्री प्रतिनिधि नीरज सिंह के साथ ही एडीएम और एएसपी ने छात्रनेता को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।