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Ballia News: कटान में तीन मकान सरयू में समा गए
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर में उपजाऊ भूमि को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरें।जागरुक पाठक
बैरिया। सुरेमनपुर दियरांचल में सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान की रफ्तार तेज हो गई है। गोपालनगर टांड़ी में पिछले 24 घंटे में तीन लोगों के मकान पूरी तरह नदी में समा गए, जबकि दो मकानों का आधा हिस्सा कटकर बह गया। गांव के हनुमान मंदिर का भी आधा हिस्सा नदी में समा गया है।
गोपालनगर टांडी में सरयू नदी के कटान की चपेट में आने से मुसाफिर यादव, विजय सिंह और हंसराज यादव के मकान पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं। वहीं, संतोष यादव और भुटेली यादव के मकानों का आधा हिस्सा कटकर नदी में समा गया है। मकानों के शेष हिस्से किनारे पर लटके होने से उनके भी कभी नदी में समा जाने की आशंका बनी हुई है। गांव के हनुमान मंदिर का आधा हिस्सा कटने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी लगातार उपजाऊ जमीन को निगलने के बाद अब रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन गई है। कटान की समस्या लंबे समय से गंभीर बनी हुई है। लोगों को हर समय अपने घरों के नदी में समा जाने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कटान रोकने के लिए कई बार बाढ़ विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
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गोपालनगर टांड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही नदी में समा चुके मकानों से प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
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गोपालनगर टांडी में सरयू नदी के कटान की चपेट में आने से मुसाफिर यादव, विजय सिंह और हंसराज यादव के मकान पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं। वहीं, संतोष यादव और भुटेली यादव के मकानों का आधा हिस्सा कटकर नदी में समा गया है। मकानों के शेष हिस्से किनारे पर लटके होने से उनके भी कभी नदी में समा जाने की आशंका बनी हुई है। गांव के हनुमान मंदिर का आधा हिस्सा कटने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी लगातार उपजाऊ जमीन को निगलने के बाद अब रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन गई है। कटान की समस्या लंबे समय से गंभीर बनी हुई है। लोगों को हर समय अपने घरों के नदी में समा जाने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कटान रोकने के लिए कई बार बाढ़ विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
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गोपालनगर टांड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही नदी में समा चुके मकानों से प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।