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वेंकटेश मंदिर से बेशकीमती मूर्तियां चोरी
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:03 PM IST
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थाना क्षेत्र के नगवा गांव में भगवान वेंकटेश मंदिर से सवा सौ साल पुरानी अष्टधातु की तीन तथा संगमरमर और पीतल की तीन मूर्तियां सोमवार की रात चोरी हो गई।
चोरी गईं मूर्तियों में भगवान वेंकटेश, लक्ष्मी तथा भू-देवी के साथ संगमरमर की राधा-कृष्ण और पीतल के हनुमान जी हैं। सोमवार की रात मंदिर के पुजारी गणेश ओझा मंदिर में ताला लगाकर चले गए थे ।
रात में मौका पाकर चोरों ने मंदिर का ताला काट दिया और मूर्तियां उठा ले गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। घटना की तहरीर पुजारी गणेश ओझा ने दी है।
दुबहर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में वर्ष 1885 में गांव के जगरनाथ पांडेय द्वारा बनाया गए वेंकटेश मंदिर में भगवान वेंकटेश, लक्ष्मी तथा भू-देवी की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित की गई थी। जबकि इसी मंदिर में संगमरमर के राधा-कृष्ण और पीतल के हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित थी।
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मंदिर में लोगों की बड़ी आस्था है। सोमवार की देर शाम मंदिर के पुजारी गणेश ओझा भोग लगाकर मंदिर का ताला बंदकर अपने घर सोने चले गए। मंगलवार की सुबह भगवान के दर्शन के लिए ग्रामीण जब मंदिर पहुंचे तो वहां टूटा ताला और मूर्तियों को अपने स्थान पर न देखकर आवाक रह गए।
उन्होंने घटना की सूचना पुजारी को दी। आनन-फानन में पुजारी मौके पर पहुंचे और लोगों ने आस-पास मूर्तियों की तलाश की। जब मूर्ति का कहीं अता-पता नहीं चला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना पाकर पहुंचे दुबहर एसओ ओपी श्रीवास्तव अपनी टीम संग घटना स्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लेने के बाद मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
मौके पर तत्काल डाग स्कवायड के साथ ही फोरेंसिक टीम पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। इस मामले में मंदिर के ने थाने में चोरी की तहरीर दी है। मामले में पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दुबहर थानाध्यक्ष ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि आस-पास के लोगों के सहयोग से जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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चोरी गईं मूर्तियों में भगवान वेंकटेश, लक्ष्मी तथा भू-देवी के साथ संगमरमर की राधा-कृष्ण और पीतल के हनुमान जी हैं। सोमवार की रात मंदिर के पुजारी गणेश ओझा मंदिर में ताला लगाकर चले गए थे ।
रात में मौका पाकर चोरों ने मंदिर का ताला काट दिया और मूर्तियां उठा ले गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। घटना की तहरीर पुजारी गणेश ओझा ने दी है।
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दुबहर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में वर्ष 1885 में गांव के जगरनाथ पांडेय द्वारा बनाया गए वेंकटेश मंदिर में भगवान वेंकटेश, लक्ष्मी तथा भू-देवी की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित की गई थी। जबकि इसी मंदिर में संगमरमर के राधा-कृष्ण और पीतल के हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित थी।
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मंदिर में लोगों की बड़ी आस्था है। सोमवार की देर शाम मंदिर के पुजारी गणेश ओझा भोग लगाकर मंदिर का ताला बंदकर अपने घर सोने चले गए। मंगलवार की सुबह भगवान के दर्शन के लिए ग्रामीण जब मंदिर पहुंचे तो वहां टूटा ताला और मूर्तियों को अपने स्थान पर न देखकर आवाक रह गए।
उन्होंने घटना की सूचना पुजारी को दी। आनन-फानन में पुजारी मौके पर पहुंचे और लोगों ने आस-पास मूर्तियों की तलाश की। जब मूर्ति का कहीं अता-पता नहीं चला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना पाकर पहुंचे दुबहर एसओ ओपी श्रीवास्तव अपनी टीम संग घटना स्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लेने के बाद मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
मौके पर तत्काल डाग स्कवायड के साथ ही फोरेंसिक टीम पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। इस मामले में मंदिर के ने थाने में चोरी की तहरीर दी है। मामले में पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दुबहर थानाध्यक्ष ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि आस-पास के लोगों के सहयोग से जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।