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Ballia News: ददरी मेले के पांच साल की आय-व्यय का होगा लेखा-जोखा,
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बलिया। ददरी मेले के आयोजन में आय-व्यय को लेकर लग रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच डीएम ने नगर पालिका परिषद बलिया से ददरी मेला आयोजन का पांच साल का आय-व्यय का हिसाब मांगा है।
इस बार ददरी मेला के आयोजन को लेकर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन व प्रशासन के बीच खींचतान देखने को मिली थी। हालत यह हुआ कि चेयरमैन को अपने मेला के अधिकार को लेकर उच्च न्यायालय के शरण में जाना पड़ा। इसको लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हालांकि उच्च न्यायालय से चेयरमैन को राहत जरूरी मिली, तब तक मेला का अंतिम चरण मेें पहुंच चुका था। इधर, चेयरमैन भी एक सप्ताह पूर्व ईओ से ददरी मेला में आय-व्यय व टेंडर संबंधित पत्रावली प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
प्रशासन ने मेले का आयोजन करते हुए कहा था कि ददरी मेला के आय व व्यय की आडिट की जाएगी। साथ ही टेंडर भी खुली बोली आनलाइन हुई, जिससे ददरी मेला का आय में काफी वृद्धि हुई। प्रशासन की तरफ से मेला का आयोजन भी बेहतर तरीके से किया गया। कई नई परंपराओं को शामिल किया गया। अब जिलाधिकारी ने पांच सालों में ददरी मेला के आय-व्यय के रिकाॅर्ड ईओ से मांगा है, जिससे आडिट की प्रक्रिया पूरी की जा सके। डीएम के इस आदेश से नपा कार्यालय में खलबली मची हुई है।
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ईओ सुभाष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी की तरफ से ददरी मेला के 2020 से 2025 तक की फाइलें मांगी गई है। संबंधित बाबुओं को फाइल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।
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इस बार ददरी मेला के आयोजन को लेकर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन व प्रशासन के बीच खींचतान देखने को मिली थी। हालत यह हुआ कि चेयरमैन को अपने मेला के अधिकार को लेकर उच्च न्यायालय के शरण में जाना पड़ा। इसको लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हालांकि उच्च न्यायालय से चेयरमैन को राहत जरूरी मिली, तब तक मेला का अंतिम चरण मेें पहुंच चुका था। इधर, चेयरमैन भी एक सप्ताह पूर्व ईओ से ददरी मेला में आय-व्यय व टेंडर संबंधित पत्रावली प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
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प्रशासन ने मेले का आयोजन करते हुए कहा था कि ददरी मेला के आय व व्यय की आडिट की जाएगी। साथ ही टेंडर भी खुली बोली आनलाइन हुई, जिससे ददरी मेला का आय में काफी वृद्धि हुई। प्रशासन की तरफ से मेला का आयोजन भी बेहतर तरीके से किया गया। कई नई परंपराओं को शामिल किया गया। अब जिलाधिकारी ने पांच सालों में ददरी मेला के आय-व्यय के रिकाॅर्ड ईओ से मांगा है, जिससे आडिट की प्रक्रिया पूरी की जा सके। डीएम के इस आदेश से नपा कार्यालय में खलबली मची हुई है।
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ईओ सुभाष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी की तरफ से ददरी मेला के 2020 से 2025 तक की फाइलें मांगी गई है। संबंधित बाबुओं को फाइल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।