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Ballia News: मुकदमे की पैरवी को लेकर एसडीएम और अधिवक्ता में नोकझोंक

Tue, 15 Jul 2025 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:05 PM IST
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There was a tussle between SDM and advocate regarding pleading of the case
बैरिया (बलिया)। तहसील बैरिया स्थित उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह के चेंबर में मंगलवार को हंगामा हुआ। एक मुकदमे की पैरवी को लेकर भाजपा के मुरली छपरा के मंडल अध्यक्ष/अधिवक्ता निरंजन कुमार सिंह व उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह के बीच कहासुनी हुई। हालात बिगड़ते देख उपजिलाधिकारी ने पुलिस को बुला लिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। दोनों लोगों ने एक दूसरे पर नियम के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया है।
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अधिवक्ता निरंजन सिंह उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह के चेंबर में एक मुकदमे के सिलसिले में गए थे। उस समय उपजिलाधिकारी का कार्यालय जनता दर्शन के लिए अधिवक्ताओं व लोगों से भरा हुआ था। उपजिलाधिकारी ने निरंजन सिंह से कहा कि आप फिलहाल चेंबर से चले जाएं। आप अपने मुकदमे के तय तारीख पर इस प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत करिएगा। यह सुन निरंजन सिंह नाराज हो गए।
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निरंजन सिंह ने कहा कि मैं भाजपा का मंडल अध्यक्ष और अधिवक्ता हूं। आप मुझे बाहर जाने को नहीं कह सकते हैं। इसी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। निरंजन सिंह ने कहा कि उपजिलाधिकारी ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया और होमगार्ड को बुलाकर मुझे धक्का देकर बाहर निकलवा दिया। मेरे साथ ऐसा व्यवहार है तो आम जनता के साथ क्या करते होंगे। इसके लिए मैंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच कराने और उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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निरंजन सिंह एक मुकदमे की पैरवी के लिए पिछले दिनों मुझसे मिले थे। उसमें अगले सप्ताह की तारीख लगी है। मैंने कहा था कि तय तारीख पर इसे प्रस्तुत करिएगा, इसका निस्तारण कर दूंगा, लेकिन वह आज ही मेरे चेंबर में आए और मुकदमे का निस्तारण करने को कहने लगे। मैंने कहा कि ऐसा नहीं होता है, यह मुकदमे की फाइल है, प्रार्थना पत्र नहीं है कि इसपर कुछ भी आदेश कर दिया जाएगा। लेकिन वह जिद पर अड़ गए और मुझसे उलझने का प्रयास किया। मैंने बार एसोसिएशन बलिया और बैरिया को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है कि वह बार के सदस्य हैं कि नहीं। - आलोक प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी, बैरिया।
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