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नहीं हैं अच्छी सड़कें
बलिया/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:08 AM IST
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नगर में खस्ताहाल हो चुकीं सड़कें और सीवरेज के लिए लापरवाही से बना दिए गए मेनहोल वाहन चालकों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं। खतरनाक रूप से उठे हुए मेनहोल की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन असंतुलित होकर गिरते रहते हैं। इतना ही नहीं कई जगह पर सड़क की हालत इतनी जर्जर हो सुकी है कि जरा सी लापरवाही पर हादसे तय है।
रोना तो इस बात का है कि ये हालत शहर के प्रमुख सड़क की है ना कि गली या अंदरू नी सड़क की।
इन सड़कों से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इतना ही नहीं कई स्कूल-कॉलेज के बच्चों और बाजार जाने के लिए महिलाओं का रोजाना इधर से गुजरना होता है। ऐसे में हमेशा ही हादसों का डर बना रहता है। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारी सहित प्रशासन से की गई है, लेकिन आज तक इस समस्या से नगरवासियों को निजात नहीं मिल सकी। ऐसे में अब तो लोग सपाट और गड्ढेविहीन सड़क को सपना मानने लगे हैं।
इतना ही नहीं लोगों का आरोप है कि क ई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर तो हुआ पर बगैर काम कराए ही पूरा धन निकाल लिया गया। नगर में खस्ताहाल हो चुकीं सड़कें और सीवरेज के लिए लापरवाही से बना दिए गए मेनहोल वाहन चालकों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं। खतरनाक रूप से उठे हुए मेनहोल की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन असंतुलित होकर गिरते रहते हैं।
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इतना ही नहीं कई जगह पर सड़क की हालत इतनी जर्जर हो सुकी है कि जरा सी लापरवाही पर हादसे तय है। रोना तो इस बात का है कि ये हालत शहर के प्रमुख सड़क की है ना कि गली या अंदरू नी सड़क की। इन सड़कों से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इतना ही नहीं कई स्कूल-कॉलेज के बच्चों और बाजार जाने के लिए महिलाओं का रोजाना इधर से गुजरना होता है। ऐसे में हमेशा ही हादसों का डर बना रहता है।
इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारी सहित प्रशासन से की गई है, लेकिन आज तक इस समस्या से नगरवासियों को निजात नहीं मिल सकी। ऐसे में अब तो लोग सपाट और गड्ढेविहीन सड़क को सपना मानने लगे हैं। इतना ही नहीं लोगों का आरोप है कि क ई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर तो हुआ पर बगैर काम कराए ही पूरा धन निकाल लिया गया।
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रोना तो इस बात का है कि ये हालत शहर के प्रमुख सड़क की है ना कि गली या अंदरू नी सड़क की।
इन सड़कों से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इतना ही नहीं कई स्कूल-कॉलेज के बच्चों और बाजार जाने के लिए महिलाओं का रोजाना इधर से गुजरना होता है। ऐसे में हमेशा ही हादसों का डर बना रहता है। इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारी सहित प्रशासन से की गई है, लेकिन आज तक इस समस्या से नगरवासियों को निजात नहीं मिल सकी। ऐसे में अब तो लोग सपाट और गड्ढेविहीन सड़क को सपना मानने लगे हैं।
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इतना ही नहीं लोगों का आरोप है कि क ई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर तो हुआ पर बगैर काम कराए ही पूरा धन निकाल लिया गया। नगर में खस्ताहाल हो चुकीं सड़कें और सीवरेज के लिए लापरवाही से बना दिए गए मेनहोल वाहन चालकों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं। खतरनाक रूप से उठे हुए मेनहोल की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन असंतुलित होकर गिरते रहते हैं।
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इतना ही नहीं कई जगह पर सड़क की हालत इतनी जर्जर हो सुकी है कि जरा सी लापरवाही पर हादसे तय है। रोना तो इस बात का है कि ये हालत शहर के प्रमुख सड़क की है ना कि गली या अंदरू नी सड़क की। इन सड़कों से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। इतना ही नहीं कई स्कूल-कॉलेज के बच्चों और बाजार जाने के लिए महिलाओं का रोजाना इधर से गुजरना होता है। ऐसे में हमेशा ही हादसों का डर बना रहता है।
इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारी सहित प्रशासन से की गई है, लेकिन आज तक इस समस्या से नगरवासियों को निजात नहीं मिल सकी। ऐसे में अब तो लोग सपाट और गड्ढेविहीन सड़क को सपना मानने लगे हैं। इतना ही नहीं लोगों का आरोप है कि क ई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर तो हुआ पर बगैर काम कराए ही पूरा धन निकाल लिया गया।