बैरिया। दलछपरा रेलवे स्टेशन से पुरानी बुकिंग खिड़की भवन और टीनशेड उजाड़कर ईंट व अन्य सामग्री ले जाने पर ग्रामीणों के प्रतिरोध मामले की जांच करने शनिवार को टीम पहुंची। आरपीएफ बलिया के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह और रेलवे के कार्य निरीक्षक पीके सिंह मौके पर जांच के लिए पहुंचे। कहा कि सामान ठेकेदार की ओर से उठाकर ले जाया गया है।
ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कुछ लोग अपने को रेलवे के अधिकारी और ठेकेदार बताकर 12 ट्राली ईंट, जंगला, खिड़की, दरवाजा और प्लेटफार्म पर यात्रियों को बैठने के लिए लगाया गया टीनशेड उठा ले गए। आरपीएफ के निरीक्षक ने इस कार्य को नियमानुसार बताया। कहा कि कंस्ट्रक्शन ऑर्गनाइजेशन के लोग ले गए थे। सामान के मूल्य के बराबर पैसा ट्रेंडर से कम होगा। इस बात से इंकार कर गए कि प्लेटफार्म पर कोई टीनशेड था। इसका ग्रामीणों ने प्रतिवाद किया। आरपीएफ के प्रभारी ने कहा कि इस प्लेटफार्म पर कोई टीनशेड नहीं था। ग्रामीणों ने कहा कि टीनशेड प्लेटफार्म पर दो-दो स्थानों पर लगा था। इस दौरान ग्रामीणों और आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक की नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने सीआईबी से जांच कराने की मांग पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक और रेलवे सुरक्षाबल के आयुक्त से की है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि उन्हें बलिया आए दो महीने हो रहे हैं। उन्होंने यहां टीनशेड नहीं देखा था। ईंट नियमानुसार ठेकेदार ले गया है और रेलवे को हैंडओवर किया है।