बैरिया। तहसील में न्यायालयों से गायब पत्रावलियों और विभिन्न मांगों को लेकर डेढ़ माह से अधिवक्ता आंदोलित हैं। मामले में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद के आदेश पर एडीएम फाइनेंस जांच कर चुके हैं। इसी क्रम में न्यायालयों से गायब मुकदमों की फाइलों और न्यायिक कार्यों की जांच के लिए बैरिया तहसील पहुंचे एडीएम नमामि गंगे राजित राम, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और एआरओ धर्मेंद्र कुमार की टीम ने दर्ज मुकदमों की पंजिका व अन्य अभिलेखों को खंगाला। काफी देर तक बंद कमरे में पंजिका का गहन रूप से निरीक्षण किया। हालांकि एडीएम नमामि गंगे से पूछने पर उन्होंने मुकदमों की फाइलें गायब होने के संदर्भ में किसी जांच से इन्कार किया। कहा कि हम न्यायिक कार्य की समीक्षा के लिए आए हैं। मातहतों ने बताया कि गायब फाइलों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने कमेटी गठित की है। इसमें एडीएम नमामि गंगे राजित राम, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और एआरओ धर्मेंद्र कुमार को कमेटी में रखा गया है।
दूसरी तरफ तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, देवेंद्र मिश्र, राम प्रकाश सिंह, राकेश मिश्र, जाकिर हुसैन आदि ने कहा कि अधिकारी एक पक्षीय जांच कर रहे हैं। इससे मामले में लीपापोती की आशंका है। जांच अधिकारियों को हम लोगों की बातें भी सुननी चाहिए। हम लोग गायब फाइलों के विषय में अधिकारियों से जानकारी साझा करते। इस जांच से कोई फायदा नहीं होगा।