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प्रदेश में खुलेंगे विकास के रास्ते

Mon, 15 Feb 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
अमर उजाला ब्यूरो बलिया Updated Mon, 15 Feb 2016 01:14 AM IST
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The state will open the way to development
गंगा नदी पर श्रीरामपुर घाट के पास बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए
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बन रहे जनेश्वर मिश्र सेतु के एप्रोच निर्माण के लिए रविवार को जनाड़ी गांव में राज्यसभा सांसद नीरज शेखर एवं पूर्व मंत्री नारद राय ने भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। नेताद्वय ने कहा इससे प्रदेश के िवकास के रास्ते भी खुल जाएंगे। इस दौरान दोनों नेताओं को किसानों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। हालांकि स्थानीय पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
इस मौके पर सांसद नीरज शेखर ने कहा कि यह सेतु सेतु बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के साथ-साथ विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि सपा की सरकार ने बलिया के विकास के लिए जितना कार्य किया है उतना आज तक किसी भी सरकार ने नहीं किया। कहा कि इससे किसानों के भाग्य भी जाग जाएंगे। इस मौके पर बयास जी गोंड, महावीर चौधरी, अनिल तिवारी, दारोगा सिंह, शशिकांत सिंह, ब्रजेश पाठक, अंजनी लाल चौबे, ग्राम प्रधान घनश्याम पांडेय आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान कामता पांडेय तथा संचालन राज कुमार पांडेय ने किया। उधर, गंगा नदी पर 645 करोड़ की लागत से बनने वाले जनेश्वर मिश्र सेतु के भूमि पूजन करने पहुंचे राज्य सभा सांसद नीरज शेखर एवं पूर्व मंत्री नारद राय को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि स्थानीय पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर सभा स्थल से हटा दिया।


जेसीबी द्वारा एप्रोच मार्ग के निर्माण से पहले चिह्न लगाए जाने पर अपनी खरीफ फसलों के नुकसान होते देख किसानों ने  पीडब्लूडी और ठेेकेदार के सामने  विरोध किया। जनाड़ी के किसान कमलेश पांडेय ने कहा कि स्कूल के एप्रोच मार्ग में मेरी लगभग चार बीघे जमीन जा रही है।

लेकिन उचित मुआवजा न मिलने के कारण मैंने सेतु बनाने के लिए जिला प्रशासन को रजिस्ट्री नहीं की है। इसके बाद भी बगैर सूचना के मेरी लहलहाती रबी की फसलों को बर्बाद कर दिया गया। कहा कि इसका मुआवजा कौन देगा?  कमलेश पांडेय और पीडब्लूडी के अधिकारियों के बीच जमकर किचकिच भी हुई।


हालांकि कमलेश पांडेय के विरोध पर कार्य बंद कर दिया गया। विरोध कर रहे किसानों का कहना था कि गंगा के तीर की जमीन का जो मुआवजा मिल रहा है। वही मुआवजा एनएच-31 के पास मेन रोड की जमीन का मुआवजा मिलेगा। यह उचित नहीं है।

 जनाड़ी के किसान ददन पांडेय, कमलेश पांडेय, उमा पासवान, जयपाल राम आदि का कहना है कि  मुआवजा बाजार भाव से मिलना चाहिए। इस जमीन का जो मार्केट भाव जहां है। उसके अनुसार उसे मुआवजा मिलना चाहिए। जबर्दस्ती हमारी खड़ी फसलों को बर्बाद करना कहीं से ठीक नहीं है।


 उधर, भूमि पूजन के मौके पर मौजूद पीडब्लूडी के सहायक अभियंता थानेदार प्रजापति ने कहा कि भूमि अधिग्रहण तथा उसके रेट को लेकर किसानों तथा जिला प्रशासन की कई बार बैठक हो चुकी है। इस समय किसानों का विरोध अनुचित है।
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