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चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले प्रत्याशियों की जब्त होगी जमानत राशि
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बलिया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का शपथ ग्रहण भी हो चुका है। इसके बावजूद, अभी तक महज जिला पंचायत के 50 प्रत्याशियों ने ही चुनाव में खर्च हुई रकम ब्योरा दिया है। जबकि ग्राम प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य के एक भी प्रत्याशियों ने चुनाव में खर्च रकम का लेखाजोखा नहीं दिया है। अगर उनके द्वारा दो अगस्त तक चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया गया तो जमानत राशि जब्त हो जाएगी। आयोग भी जमानत राशि जब्त करने की तैयारी कर रहा है।
जिले में पंचायत चुनावों के लिए 26 अप्रैल को मतदान और दो मई को मतगणना हुई थी। चुनाव होने के तीन महीने बाद तक का समय प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा देना होता है। ग्राम प्रधान, सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपना खर्चा संबंधित तहसील और जिला पंचायत सदस्य अपना चुनावी खर्च कोषाधिकारी के पास जमा करते हैं। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य को 75-75 हजार, जिला पंचायत सदस्य को 150000 और ग्राम पंचायत सदस्यों के उम्मीदवारों को 10000 रुपये खर्च करने का अधिकार था। जिले में 17 विकास खंडों में जिला पंचायत सदस्य पद के 58, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1441 ग्राम प्रधान के 940 तथा ग्राम पंचायत सदस्य के 12098 पदों पर करीब 30 हजार प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। इन सभी पदों पर करोड़ों रुपये की धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई गई। यदि प्रत्याशी चुनावी खर्च जमा कर देते हैं तो उनकी जमानत राशि वापस हो सकती है लेकिन चुनाव होने के बाद कोई प्रत्याशी खर्च का ब्योरा देने के झंझट में नहीं पड़ना चाहता।
जिपं अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों ने भी नहीं दिया खर्च का ब्योरा
जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव तीन जुलाई व ब्लॉक प्रमुख का 10 जुलाई को चुनाव हुआ था। चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दो और 17 ब्लॉक से प्रमुख पद के लिए करीब 26 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। राज्य निर्वाचन आयोग ने इनके चुनाव के लिए क्रमश: चार व दो लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय कर रखी है। इसके विपरीत इन चुनावों में प्रत्याशियों ने करोड़ों रुपये खर्च कर खुलेआम सदस्यों की खरीद-फरोख्त की। हालांकि, इसका कोई अभिलेखीय रिकार्ड नहीं है। बहरहाल चुनाव के बाद भी किसी ने अपने चुनाव में किए खर्च का लेखाजोखा नहीं जमा किया है।
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अभी तक जिला पंचायत सदस्य के करीब 50 प्रत्याशियों ने चुनाव में किए गए खर्च का ब्योरा जमा कराया है। इसके अलावा बाकी प्रत्याशी इसमें रुचि नहीं ले रहे। समय सीमा के अंदर खर्च का ब्योरा नहीं जमा करने वाले प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
बी राम, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानीय)
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जिले में पंचायत चुनावों के लिए 26 अप्रैल को मतदान और दो मई को मतगणना हुई थी। चुनाव होने के तीन महीने बाद तक का समय प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा देना होता है। ग्राम प्रधान, सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपना खर्चा संबंधित तहसील और जिला पंचायत सदस्य अपना चुनावी खर्च कोषाधिकारी के पास जमा करते हैं। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य को 75-75 हजार, जिला पंचायत सदस्य को 150000 और ग्राम पंचायत सदस्यों के उम्मीदवारों को 10000 रुपये खर्च करने का अधिकार था। जिले में 17 विकास खंडों में जिला पंचायत सदस्य पद के 58, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1441 ग्राम प्रधान के 940 तथा ग्राम पंचायत सदस्य के 12098 पदों पर करीब 30 हजार प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। इन सभी पदों पर करोड़ों रुपये की धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई गई। यदि प्रत्याशी चुनावी खर्च जमा कर देते हैं तो उनकी जमानत राशि वापस हो सकती है लेकिन चुनाव होने के बाद कोई प्रत्याशी खर्च का ब्योरा देने के झंझट में नहीं पड़ना चाहता।
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जिपं अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों ने भी नहीं दिया खर्च का ब्योरा
जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव तीन जुलाई व ब्लॉक प्रमुख का 10 जुलाई को चुनाव हुआ था। चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दो और 17 ब्लॉक से प्रमुख पद के लिए करीब 26 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। राज्य निर्वाचन आयोग ने इनके चुनाव के लिए क्रमश: चार व दो लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय कर रखी है। इसके विपरीत इन चुनावों में प्रत्याशियों ने करोड़ों रुपये खर्च कर खुलेआम सदस्यों की खरीद-फरोख्त की। हालांकि, इसका कोई अभिलेखीय रिकार्ड नहीं है। बहरहाल चुनाव के बाद भी किसी ने अपने चुनाव में किए खर्च का लेखाजोखा नहीं जमा किया है।
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अभी तक जिला पंचायत सदस्य के करीब 50 प्रत्याशियों ने चुनाव में किए गए खर्च का ब्योरा जमा कराया है। इसके अलावा बाकी प्रत्याशी इसमें रुचि नहीं ले रहे। समय सीमा के अंदर खर्च का ब्योरा नहीं जमा करने वाले प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
बी राम, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानीय)