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समस्या आई सिर पर तो दिखा रहे तेजी
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:34 PM IST
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बाढ़
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बलिया/रामगढ़। हर साल बाढ़ व कटान की समस्या जब सिर पर आती है तब विभाग जागता है और इसके रोकथाम को लेकर तरह-तरह के कार्य कराता है। जैसे-जैसे मानसून का समय नजदीक आता जा रहा है बाढ़ विभाग की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है।
द्वाबा को गंगा व घाघरा की कटान से बचाने के लिए बाढ़ विभाग ने पिछले साल करीब 125 लाख की परियोजना बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। इसमें मात्र दूबेछपरा में ही कार्य कराने के लिए शासन स्तर से धन उपलब्ध हो सका है। इसके तहत आनन-फानन में कार्य चल रहा है ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले कटान रोधी कार्य पूरा किया जा सके। लेकिन हालात ऐसे हैं कि काम मे तेजी के चलते मानक की भी अनदेखी हो रही है।
बताया जाता है कि पिछली बार बाढ़ विभाग ने डेंजर जोन गंगापुर पर कार्य कराने के लिए दो प्रोजेक्ट एक 14.84 करोड़ तथा दूसरा 28 करोड़ का बनाया और शासन को भेजा। इसके तहत दो स्पर और केहरपुर तक लांचिंग पिचिंग का कार्य होना था। लेकिन यह प्रस्ताव शासन से यह उल्लेख करते लौट आई कि दोनों प्रोजेक्ट को एक साथ बनाकर भेजा जाए। साथ ही सिताबदियारा में जयप्रकाश नारायण कि जन्मस्थली को बचाने के लिए 40 करोङ की परियोजना बनाकर भेजी गई थी। इसके तहत गंगा नदी पर एक किलोमीटर तथा घाघरा पर सात सौ मीटर तक बाढ़ निरोधक कार्य होने थे। साथ ही दुबेछपरा पर 29 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था। ताकि बाढ़ कटान से गांवों को बचाया जा सके। लेकिन मात्र दुबेछपरा के लिए ही धन तब अवमुक्त हो सका जब क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों संग मानव श्रृंखला बनाई। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जेपी के जन्मस्थली को बचाने वाली प्रोजेक्ट पास हो गई है केवल धन आने का इंतजार है। जबकि नरदरा व भुसौला के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं बना था। सवाल उठता है कि जिला प्रशासन व बाढ़ विभाग द्वाबा के गंगा व घाघरा के किनारे बसे गांवों को बाढ़ व कटान से कैसे बचाएगा। बाढ़ विभाग ने अब तक दुबेछपरा में कटान रोधी कार्य ही शुरु किया है।
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रामगढ़। बाढ़ विभाग द्वारा इस वर्ष दुबेछपरा में कटान रोधी कार्य अभी 25 फ़ीसदी ही पूरा हुआ है। जबकि जिलाधिकारी का फरमान है कि हर हाल में 30 जून तक दुबेछपरा में कार्य पूरे हो जाने चाहिए। काम की स्थिति को देखते हुए नहीं लगता कि 30 जून तक काम पूरा हो पाएगा।
रामगढ़। गंगा के मुहाने पर बसे गांवों के लोगों का कहना है कि समय रहते जिला प्रशासन नहीं चेता तो स्थिति भयावह होगी। क्योंकि दुबेछपरा से भयावह स्थिति डेंजर ज़ोन गंगापुर की है। यहां एनएच 31 से नदी की दूरी महज 20 मीटर बची है।
रामगढ़। पिछले साल की बाढ़ के दौरान विभाग ने दुबेछपरा व चौबेछपरा में काम कराया। लेकिन गंगा के लहरों में दुबेछपरा रिंग बंधा बह गया और चौबेछपरा का नामोनिशान मिट गया।
पिछले साल गंगापुर, केहरपुर, दुबेछपरा तथा जयप्रकाश नगर के लिए प्रोजेक्ट बना शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें शासन स्तर से दुबेछपरा के लिए 29 करोड़ रुपए अवमुक्त किए गए हैं। जयप्रकाश नगर के परियोजना की स्वीकृति मिल गई है, धन आते ही कार्य शुरु कर दिए जाएंगे।
मुन्ना यादव, एई, बाढ़ विभाग बलिया
द्वाबा को गंगा व घाघरा की कटान से बचाने के लिए बाढ़ विभाग ने पिछले साल करीब 125 लाख की परियोजना बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। इसमें मात्र दूबेछपरा में ही कार्य कराने के लिए शासन स्तर से धन उपलब्ध हो सका है। इसके तहत आनन-फानन में कार्य चल रहा है ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले कटान रोधी कार्य पूरा किया जा सके। लेकिन हालात ऐसे हैं कि काम मे तेजी के चलते मानक की भी अनदेखी हो रही है।
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बताया जाता है कि पिछली बार बाढ़ विभाग ने डेंजर जोन गंगापुर पर कार्य कराने के लिए दो प्रोजेक्ट एक 14.84 करोड़ तथा दूसरा 28 करोड़ का बनाया और शासन को भेजा। इसके तहत दो स्पर और केहरपुर तक लांचिंग पिचिंग का कार्य होना था। लेकिन यह प्रस्ताव शासन से यह उल्लेख करते लौट आई कि दोनों प्रोजेक्ट को एक साथ बनाकर भेजा जाए। साथ ही सिताबदियारा में जयप्रकाश नारायण कि जन्मस्थली को बचाने के लिए 40 करोङ की परियोजना बनाकर भेजी गई थी। इसके तहत गंगा नदी पर एक किलोमीटर तथा घाघरा पर सात सौ मीटर तक बाढ़ निरोधक कार्य होने थे। साथ ही दुबेछपरा पर 29 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था। ताकि बाढ़ कटान से गांवों को बचाया जा सके। लेकिन मात्र दुबेछपरा के लिए ही धन तब अवमुक्त हो सका जब क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों संग मानव श्रृंखला बनाई। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जेपी के जन्मस्थली को बचाने वाली प्रोजेक्ट पास हो गई है केवल धन आने का इंतजार है। जबकि नरदरा व भुसौला के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं बना था। सवाल उठता है कि जिला प्रशासन व बाढ़ विभाग द्वाबा के गंगा व घाघरा के किनारे बसे गांवों को बाढ़ व कटान से कैसे बचाएगा। बाढ़ विभाग ने अब तक दुबेछपरा में कटान रोधी कार्य ही शुरु किया है।
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रामगढ़। बाढ़ विभाग द्वारा इस वर्ष दुबेछपरा में कटान रोधी कार्य अभी 25 फ़ीसदी ही पूरा हुआ है। जबकि जिलाधिकारी का फरमान है कि हर हाल में 30 जून तक दुबेछपरा में कार्य पूरे हो जाने चाहिए। काम की स्थिति को देखते हुए नहीं लगता कि 30 जून तक काम पूरा हो पाएगा।
रामगढ़। गंगा के मुहाने पर बसे गांवों के लोगों का कहना है कि समय रहते जिला प्रशासन नहीं चेता तो स्थिति भयावह होगी। क्योंकि दुबेछपरा से भयावह स्थिति डेंजर ज़ोन गंगापुर की है। यहां एनएच 31 से नदी की दूरी महज 20 मीटर बची है।
रामगढ़। पिछले साल की बाढ़ के दौरान विभाग ने दुबेछपरा व चौबेछपरा में काम कराया। लेकिन गंगा के लहरों में दुबेछपरा रिंग बंधा बह गया और चौबेछपरा का नामोनिशान मिट गया।
पिछले साल गंगापुर, केहरपुर, दुबेछपरा तथा जयप्रकाश नगर के लिए प्रोजेक्ट बना शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें शासन स्तर से दुबेछपरा के लिए 29 करोड़ रुपए अवमुक्त किए गए हैं। जयप्रकाश नगर के परियोजना की स्वीकृति मिल गई है, धन आते ही कार्य शुरु कर दिए जाएंगे।
मुन्ना यादव, एई, बाढ़ विभाग बलिया