{"_id":"618aa85fc39e237eff5d7e4e","slug":"the-land-of-20-villages-did-not-come-true-ballia-news-vns6217043129","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरी नहीं उतरी 20 गांव की भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरी नहीं उतरी 20 गांव की भूमि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यूपीडा की ओर से चिह्नित किए गए 20 गांव मानकों पर खरे नहीं उतर सके। गांवों के फ्लड एरिया में होने के कारण यहां औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना संभव नहीं दिख रही है। इसलिए यूपीडा की अधिकारी ने स्थानीय प्रशासन से जनपद में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए दूसरी साइट भी देखी। फेफना से गड़वार के बीच भूमि देखी गई है। स्थानीय प्रशासन से उक्त गांवों की सूची और ब्यौरा तलब किया गया है। इस पर आगे चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
शासन की ओर से पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण शुरू से पहले इसके किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित करने की घोषणा की गई थी। जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तो नहीं है, लेकिन इससे बलिया को जोड़ने के लिए लिंक 24 किमी का लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसके बगल में बनने वाले 118 किमी लंबा गाजीपुर से बलिया के मांझी घाट तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से लिंक एक्सप्रेस-वे जुड़ेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे के आसपास के 20 गांवों को यूपीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए चुना गया था। इन गांवों की सूची यूपीडा ने जिला प्रशासन को भेजी थी। मंगलवार को यूपीडा की अधिकारी अरुणिमा जनपद पहुंचीं। नायब तहसीलदार अजय सिंह, कानूनगो और लेखपाल आदि के साथ चिह्नित 20 गांवों के निरीक्षण किया। सभी गांव की भूमि फ्लड एरिया से प्रभावित पाई गई। यहां औद्योगिक क्षेत्र की संभावनाएं न के बराबर हैं।
इसके बाद अधिकारियों ने फेफना से गड़वार के बीच भी भूमि देखी। यहां अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध दिखाई दी। यूपीडा से आईं अरुणिमा ने स्थानीय अधिकारियों से भूमि से संबंधित गांवों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भूमि के संबंध में यूपीडा के उच्चाधिकारियों की ओर से मंथन किया जाएगा।
विज्ञापन
500 एकड़ तक चाहिए भूमि
बलिया। नायब तहसीलदार अजय सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के आसपास में यूपाडी को औद्योगिक गलियारे के लिए 500 एकड़ तक की भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए फेफना से गड़वार के बीच भूमि देखी गई है। गांवों के दस्तावेज यूपीडा को भेजे जाएंगे। इसके बाद उच्चाधिकारियों की ओर से इस पर निर्णय लिया जाएगा। चयनित होने पर पूरी भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को तैयार होना पड़ेगा। अभी प्रकिया प्रारंभिक स्थिति में है।
विज्ञापन
शासन की ओर से पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण शुरू से पहले इसके किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित करने की घोषणा की गई थी। जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तो नहीं है, लेकिन इससे बलिया को जोड़ने के लिए लिंक 24 किमी का लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसके बगल में बनने वाले 118 किमी लंबा गाजीपुर से बलिया के मांझी घाट तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से लिंक एक्सप्रेस-वे जुड़ेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे के आसपास के 20 गांवों को यूपीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए चुना गया था। इन गांवों की सूची यूपीडा ने जिला प्रशासन को भेजी थी। मंगलवार को यूपीडा की अधिकारी अरुणिमा जनपद पहुंचीं। नायब तहसीलदार अजय सिंह, कानूनगो और लेखपाल आदि के साथ चिह्नित 20 गांवों के निरीक्षण किया। सभी गांव की भूमि फ्लड एरिया से प्रभावित पाई गई। यहां औद्योगिक क्षेत्र की संभावनाएं न के बराबर हैं।
विज्ञापन
इसके बाद अधिकारियों ने फेफना से गड़वार के बीच भी भूमि देखी। यहां अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध दिखाई दी। यूपीडा से आईं अरुणिमा ने स्थानीय अधिकारियों से भूमि से संबंधित गांवों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भूमि के संबंध में यूपीडा के उच्चाधिकारियों की ओर से मंथन किया जाएगा।
विज्ञापन
500 एकड़ तक चाहिए भूमि
बलिया। नायब तहसीलदार अजय सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के आसपास में यूपाडी को औद्योगिक गलियारे के लिए 500 एकड़ तक की भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए फेफना से गड़वार के बीच भूमि देखी गई है। गांवों के दस्तावेज यूपीडा को भेजे जाएंगे। इसके बाद उच्चाधिकारियों की ओर से इस पर निर्णय लिया जाएगा। चयनित होने पर पूरी भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को तैयार होना पड़ेगा। अभी प्रकिया प्रारंभिक स्थिति में है।