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जनपद के पत्रकारों ने राज्यपाल को भेजी पाती
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 22 Jun 2015 11:46 PM IST
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शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी एवं आरोपी मंत्री श्रीराम मूर्ति वर्मा की बर्खास्तगी की मांग को लेकर पत्रकार संघर्ष समिति के बैनर तले जिले के पत्रकारों ने सोमवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम केपी सिंह को सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि चौथे स्तंभ के रखवालों पर प्रतिदिन हमले हो रहे हैं। शाहजहांपुर के पत्रकार द्वारा प्रदेश सरकार के मंत्री के घोटाले को उजागार करने की उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
मौत से पूर्व दिए गए बयान एवं एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी आरोपी कोतवाल को जेल की जगह स्थानांतरण कर इनाम दिया गया। वहीं आरोपी मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर गिरफ्तार न करना कानून राज को झूठा साबित कर रहा है।
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घटना के 21 दिन बीतने के बाद भी आरोपियों तक कानून का हाथ नहीं पहुंचे। साथ ही पीड़ित परिवार की धरनारत रहने एवं सीबीआई जांच की मांग को अब तक नहीं मानने से साफ लग रहा है कि प्रदेश में गुंडों-माफियाओं का राज कायम हो चुका है। दूसरों को न्याय दिलाने वाले पत्रकारों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा अन्याय किया जा रहा है।
जनपद के पत्रकारों द्वारा पीड़ित परिवार को 50 लाख आर्थिक सहायता, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, परिवारजनों को सुरक्षा, जगेंद्र सिंह की हत्या की सीबीआई जांच, आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी के साथ ही कोतवाल समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग की गई।
इस मौके पर प्रमोद कुमार उपाध्याय, मधुसुदन सिंह, अखिलानंद तिवारी, हरिनारायण मिश्र, सुधीर ओझा, असगर अली, अखिलेश सिन्हा, प्रदीप कुमार गुप्त, धनंजय पांडेय, केके पाठक, करूणा सिंधु सिंह, अजय भारती समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
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ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि चौथे स्तंभ के रखवालों पर प्रतिदिन हमले हो रहे हैं। शाहजहांपुर के पत्रकार द्वारा प्रदेश सरकार के मंत्री के घोटाले को उजागार करने की उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
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मौत से पूर्व दिए गए बयान एवं एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी आरोपी कोतवाल को जेल की जगह स्थानांतरण कर इनाम दिया गया। वहीं आरोपी मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर गिरफ्तार न करना कानून राज को झूठा साबित कर रहा है।
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घटना के 21 दिन बीतने के बाद भी आरोपियों तक कानून का हाथ नहीं पहुंचे। साथ ही पीड़ित परिवार की धरनारत रहने एवं सीबीआई जांच की मांग को अब तक नहीं मानने से साफ लग रहा है कि प्रदेश में गुंडों-माफियाओं का राज कायम हो चुका है। दूसरों को न्याय दिलाने वाले पत्रकारों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा अन्याय किया जा रहा है।
जनपद के पत्रकारों द्वारा पीड़ित परिवार को 50 लाख आर्थिक सहायता, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, परिवारजनों को सुरक्षा, जगेंद्र सिंह की हत्या की सीबीआई जांच, आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी के साथ ही कोतवाल समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग की गई।
इस मौके पर प्रमोद कुमार उपाध्याय, मधुसुदन सिंह, अखिलानंद तिवारी, हरिनारायण मिश्र, सुधीर ओझा, असगर अली, अखिलेश सिन्हा, प्रदीप कुमार गुप्त, धनंजय पांडेय, केके पाठक, करूणा सिंधु सिंह, अजय भारती समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।