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Ballia News: संपूर्ण धनराशि संग देना होगा छह प्रतिशत ब्याज
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बलिया। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने डाकघर के मुख्य अधीक्षक बलिया और सब पोस्टमास्टर रसड़ा को आरडी के एक मामले में भुगतान का आदेश दिया है। उपभोक्ता के आरडी की धनराशि का भुगतान छह प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिनों के अंदर करने के लिए कहा है। निर्धारित अवधि के बाद नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना पड़ेगा।
परिवादी प्रताप नारायण निवासी कस्बा रसड़ा मालगोदाम रोड के अधिवक्ता ने 21 जून 2014 को जिला फोरम में परिवाद दाखिल किया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि परिवादी ने सब पोस्ट मास्टर डाकघर रसड़ा में 21 नवंबर 2007 को एक हजार रुपये का आरडी अकाउंट खोला। परिवादी ने 1,000 प्रतिमाह आरडी खाते में जमा किए। 30 सितंबर 2010 तक कुल 35,000 हजार रुपये जमा किए। सब मास्टर डाकघर ने उपभोक्ता से 20 जून 2011 को उसका मूल पास-बुक जमा कराया और रसीद दी। इसपर 35,000 रुपये जमा करने की बात अंकित थी।
वहीं, सब पोस्टमास्टर ने उपभोक्ता को एक पत्र 19 जनवरी 2013 को जारी किया जिसमें उल्लेख किया था कि आपकी पास-बुक जांच के लिए मुख्य डाकघर भेजी गई थी, जो भुगतान के लिए हमारे कार्यालय को प्राप्त हुई है।
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पत्र में यह भी निर्देश दिया गया था कि आप डाकघर आकर भुगतान प्राप्त कर लें लेकिन जब परिवादी सब पोस्टमास्टर के यहां गया तो वहां से उसकी संपूर्ण धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। समुचित कारण भी नहीं बताया गया। संवाद
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परिवादी प्रताप नारायण निवासी कस्बा रसड़ा मालगोदाम रोड के अधिवक्ता ने 21 जून 2014 को जिला फोरम में परिवाद दाखिल किया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि परिवादी ने सब पोस्ट मास्टर डाकघर रसड़ा में 21 नवंबर 2007 को एक हजार रुपये का आरडी अकाउंट खोला। परिवादी ने 1,000 प्रतिमाह आरडी खाते में जमा किए। 30 सितंबर 2010 तक कुल 35,000 हजार रुपये जमा किए। सब मास्टर डाकघर ने उपभोक्ता से 20 जून 2011 को उसका मूल पास-बुक जमा कराया और रसीद दी। इसपर 35,000 रुपये जमा करने की बात अंकित थी।
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वहीं, सब पोस्टमास्टर ने उपभोक्ता को एक पत्र 19 जनवरी 2013 को जारी किया जिसमें उल्लेख किया था कि आपकी पास-बुक जांच के लिए मुख्य डाकघर भेजी गई थी, जो भुगतान के लिए हमारे कार्यालय को प्राप्त हुई है।
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पत्र में यह भी निर्देश दिया गया था कि आप डाकघर आकर भुगतान प्राप्त कर लें लेकिन जब परिवादी सब पोस्टमास्टर के यहां गया तो वहां से उसकी संपूर्ण धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। समुचित कारण भी नहीं बताया गया। संवाद