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Ballia News: फार्मर रजिस्ट्री में टाॅप टेन में पहुंचा जिला
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बलिया। कभी प्रदेश रैंकिंग मेें रहने वाली किसान फार्मर रजिस्ट्री ने अब टाॅप टेन में जगह बना ली है। पिछले माह चले अभियान को प्रशासन ने चुनौती के रूप में लिया था, जिसका परिणाम रहा कि आज प्रदेश की रैंकिंग में छलांग लगाते हुए 6 वें स्थान पर काबिज हो गया है। इसके लिए राजस्व व कृषि विभाग की टीम दिन-रात लगी हुई थी।
अब भी कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा रहे हैं। जिले में 4.55 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया था। अभियान में जिलाधिकारी ने हर पंचायत सहायक, लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों को कम से कम 10 फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया था। प्रतिदिन इसकी समीक्षा जिलाधिकारी करते थे, जिसका परिणाम रहा कि अब यह संख्या 3.95 लाख तक पहुंच गई है। अभी भी करीब 60 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बाकी है।
किसानों को मिलेंगे ये लाभ
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, और कृषि सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, जिससे बिचौलियों का झंझट खत्म होता है।
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- फसल बिक्री में आसानी: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केंद्रों (गेहूं, धान, सरसों) पर फसल बेचने के लिए बार-बार सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
- केसीसी में तेजी : फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है, जो अक्सर केवल तीन दिनों में बनकर तैयार हो सकता है।
- आपदा राहत : फसल खराब होने या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में, नुकसान की भरपाई ( जल्दी हो जाती है।
-डिजिटल पहचान : यह एक एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड है, जिससे किसान को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कागजात जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
- उर्वरक और बीज पर सब्सिडी: उर्वरक, बीज, और अन्य कृषि इनपुट पर सब्सिडी का लाभ मिलता है।
अभियान में फार्मर रजिस्ट्री में जिले की रैकिंग टाॅप टेन में पहुंच गई है। राजस्व विभाग व कृषि विभाग के कर्मचारियों ने काफी मेहनत कर अभियान में 2 हजार से 4 हजार तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की है। जिला के प्रदेश में छठवां स्थान है। -मनीष कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि।
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अब भी कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा रहे हैं। जिले में 4.55 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया था। अभियान में जिलाधिकारी ने हर पंचायत सहायक, लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों को कम से कम 10 फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया था। प्रतिदिन इसकी समीक्षा जिलाधिकारी करते थे, जिसका परिणाम रहा कि अब यह संख्या 3.95 लाख तक पहुंच गई है। अभी भी करीब 60 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बाकी है।
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किसानों को मिलेंगे ये लाभ
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, और कृषि सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, जिससे बिचौलियों का झंझट खत्म होता है।
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- फसल बिक्री में आसानी: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केंद्रों (गेहूं, धान, सरसों) पर फसल बेचने के लिए बार-बार सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
- केसीसी में तेजी : फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है, जो अक्सर केवल तीन दिनों में बनकर तैयार हो सकता है।
- आपदा राहत : फसल खराब होने या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में, नुकसान की भरपाई ( जल्दी हो जाती है।
-डिजिटल पहचान : यह एक एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड है, जिससे किसान को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कागजात जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
- उर्वरक और बीज पर सब्सिडी: उर्वरक, बीज, और अन्य कृषि इनपुट पर सब्सिडी का लाभ मिलता है।
अभियान में फार्मर रजिस्ट्री में जिले की रैकिंग टाॅप टेन में पहुंच गई है। राजस्व विभाग व कृषि विभाग के कर्मचारियों ने काफी मेहनत कर अभियान में 2 हजार से 4 हजार तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की है। जिला के प्रदेश में छठवां स्थान है। -मनीष कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि।