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इमारत गिरा देने से नरेंद्र देव और चंद्रशेखर के विचारों को नहीं गिराया जा सकता: सुनील
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बेल्थरारोड। वीपीएस वेलफेयर डेवलपमेंट एंड कैंसर सोसायटी अमावें के तत्वावधान में सोमवार कोसंगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें समाजवादी पुरोधा और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की स्मृतियों को संजो कर रखने वाले नई दिल्ली के नरेंद्र निकेतन को दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा बुलडोजर चला कर जमींदोज किए जाने की घटना की तीखी आलोचना की गई। वक्ताओं ने प्राधिकरण के इस कृत्य की तीखी निंदा करते हुए कहा कि इमारत गिरा देने से आचार्य नरेंद्र देव और युवा तुर्क चंद्रशेखर के विचारों को नहीं गिराया जा सकता।
गोष्ठी का शुभारंभ चंद्रशेखर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सुनील कुमार शर्मा बबलू ने कहा की विकास प्राधिकरण द्वारा तानाशाही रवैया अख्तियार करते हुए चंद्रशेखर द्वारा स्थापित संसाधनों और समाजवाद पर लिखी पुस्तकों को नरेंद्र निकेतन में नष्ट कर अपनी कुत्सित मानसिकता का खुलासा कर दिया गया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जनपद वासियों की भावनाओं पर ठेस पहुंचा है। नरेंद्र निकेतन एक ऐसा केंद्र रहा है,जहां देश में सभी समाजवादी विचारधारा से प्रभावित महान विभूतियां दलगत भावना से ऊपर उठकर पहुंचती रही हैं।
नरेंद्र निकेतन पर बुलडोजर चलाकर किसी वस्तु, पुस्तकों, दीवारों भवनों आदि को नष्ट नहीं किया गया, बल्कि एक विचारधारा को नष्ट करने का प्रयास किया गया है। अनीता शर्मा ने कहा कि चंद्रशेखर जी समाजवादी विचारधारा के अग्रदूत थे। चंद्रशेखर जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा स्थापित मूल्यों ने हमें हौसला दिया है। उन्होंने कहा कि गत दिनों भारत सरकार की नीतियों के विरोध में यशवंत सिन्हा द्वारा मुंबई से दिल्ली तक की यात्रा का नरेंद्र निकेतन पहुंचने मात्र से ही सरकार डर गई ,कि कहीं नरेंद्र निकेतन की घटना से भाजपा की विभाजन कारी नीतियों के विरोध में किसी आंदोलन का केंद्र न बन जाए। आलोक सिंह ने कहा कि समाजवादी चिंतन के रूप में विख्यात नरेंद्र निकेतन पर बुलडोजर चलाना अत्यंत शर्मनाक है। इस मौके पर डॉ नितिन यादव, राजकुमार पांडेय, डॉ धीरज ठाकुर, डॉक्टर आशुतोष पांडेय, डॉ सुहोल अख्तर,पंकज शर्मा, मोहम्मद इमरान खान आदि मौजूद रहे।
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गोष्ठी का शुभारंभ चंद्रशेखर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सुनील कुमार शर्मा बबलू ने कहा की विकास प्राधिकरण द्वारा तानाशाही रवैया अख्तियार करते हुए चंद्रशेखर द्वारा स्थापित संसाधनों और समाजवाद पर लिखी पुस्तकों को नरेंद्र निकेतन में नष्ट कर अपनी कुत्सित मानसिकता का खुलासा कर दिया गया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जनपद वासियों की भावनाओं पर ठेस पहुंचा है। नरेंद्र निकेतन एक ऐसा केंद्र रहा है,जहां देश में सभी समाजवादी विचारधारा से प्रभावित महान विभूतियां दलगत भावना से ऊपर उठकर पहुंचती रही हैं।
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नरेंद्र निकेतन पर बुलडोजर चलाकर किसी वस्तु, पुस्तकों, दीवारों भवनों आदि को नष्ट नहीं किया गया, बल्कि एक विचारधारा को नष्ट करने का प्रयास किया गया है। अनीता शर्मा ने कहा कि चंद्रशेखर जी समाजवादी विचारधारा के अग्रदूत थे। चंद्रशेखर जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा स्थापित मूल्यों ने हमें हौसला दिया है। उन्होंने कहा कि गत दिनों भारत सरकार की नीतियों के विरोध में यशवंत सिन्हा द्वारा मुंबई से दिल्ली तक की यात्रा का नरेंद्र निकेतन पहुंचने मात्र से ही सरकार डर गई ,कि कहीं नरेंद्र निकेतन की घटना से भाजपा की विभाजन कारी नीतियों के विरोध में किसी आंदोलन का केंद्र न बन जाए। आलोक सिंह ने कहा कि समाजवादी चिंतन के रूप में विख्यात नरेंद्र निकेतन पर बुलडोजर चलाना अत्यंत शर्मनाक है। इस मौके पर डॉ नितिन यादव, राजकुमार पांडेय, डॉ धीरज ठाकुर, डॉक्टर आशुतोष पांडेय, डॉ सुहोल अख्तर,पंकज शर्मा, मोहम्मद इमरान खान आदि मौजूद रहे।
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