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दो वक्त की रोटी का संकट
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 12 Jan 2015 11:41 PM IST
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बर्फीली हवा और ठंड से लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ठंड के चलते लोग अपने घराें से बाहर नहीं निकल रहे हैं। घरों में दुबकने के साथ ही वे आग जलाकर बैठे हुए हैं।
वही लोग अपने घरों के बाहर निकल रहे हैं जिन्हें जरूरी काम है। सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरी करने वाले मजदूूरों के सामने है। उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है।
राहकों के अभाव में दूकानदार भी बैठे-बैठे ही टाइम पास कर रहे हैं। दिनभर चहलकदमी वाले मार्गों पर शाम होते ही सन्नाटा छा जा रहा है।
सोमवार को भगवान भास्कर बादलों की ओट में छिपकर पूरे दिन आंखमिचौली खेलते रहे। बर्फीली हवा एवं गलन से जनपदवासी कांप रहे हैं। लोग ठंड के मारे घरों में दुबके रहे हैं। गुरबत में जीने वालों के लिए एकमात्र अलाव ही सहारा है।
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ठंड की वजह से सरकारी विभागों में अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी फरियादियों का कही अता-पता नहीं चल रहा है। ठंड से मौसमी बीमारी भी तेजी से पैर पसार रही है।
दर्जनों लोग प्रतिदिन कोल्ड डायरिया की चपेट मेें आ रहे हैं। ऐसे में सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
निजी अस्पतालों में भी ठंड से बीमारी की चपेट में आए बच्चों की भीड़ देखने को मिल रही है। नगर सहित ग्रामीणांचलों में ठंड के चलते सर्दी, जुकाम के भी लोग शिकार हो रहे हैं। वहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
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वही लोग अपने घरों के बाहर निकल रहे हैं जिन्हें जरूरी काम है। सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरी करने वाले मजदूूरों के सामने है। उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है।
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राहकों के अभाव में दूकानदार भी बैठे-बैठे ही टाइम पास कर रहे हैं। दिनभर चहलकदमी वाले मार्गों पर शाम होते ही सन्नाटा छा जा रहा है।
सोमवार को भगवान भास्कर बादलों की ओट में छिपकर पूरे दिन आंखमिचौली खेलते रहे। बर्फीली हवा एवं गलन से जनपदवासी कांप रहे हैं। लोग ठंड के मारे घरों में दुबके रहे हैं। गुरबत में जीने वालों के लिए एकमात्र अलाव ही सहारा है।
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ठंड की वजह से सरकारी विभागों में अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी फरियादियों का कही अता-पता नहीं चल रहा है। ठंड से मौसमी बीमारी भी तेजी से पैर पसार रही है।
दर्जनों लोग प्रतिदिन कोल्ड डायरिया की चपेट मेें आ रहे हैं। ऐसे में सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
निजी अस्पतालों में भी ठंड से बीमारी की चपेट में आए बच्चों की भीड़ देखने को मिल रही है। नगर सहित ग्रामीणांचलों में ठंड के चलते सर्दी, जुकाम के भी लोग शिकार हो रहे हैं। वहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।