बलिया। अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर बुधवार को शहर में क्रांति उत्सव जुलूस निकाला गया। सेनानी उमाशंकर सोनार, शहीद सूरज लाल को याद किया गया। शहर भारत माता के जयकारे और वंदेमातरम के नारे से गूंज उठा। जुलूस चौक से सेनानी उमाशंकर स्मारक चौराहा, रेलवे स्टेशन होते हुए क्रांति मैदान टाउन हाल तक पहुंचा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद के शिवकुमार सिंह कौशिकेय के नेतृत्व में अगस्त क्रांति उत्सव का जुलूस शहीद पार्क चौक से वंदेमातरम , भारत माता की जय का घोष करता हुआ चल पड़ा। सेनानी उमाशंकर स्मारक चौराहा, रेलवे स्टेशन होते हुए क्रांति मैदान टाउन हाल पहुंच कर विसर्जित हुआ। वक्ताओं ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत में ही कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। ठाकुर जगन्नाथ सिंह, चित्तू पांडेय, राधामोहन सिंह, महानंद मिश्र, तारकेश्वर पांडेय जेल में बंद थे। ऐसे में उमाशंकर सोनार और सूरज प्रसाद ने आंदोलन की कमान संभाली। चौक से जुलूस निकाला गया जो रेलवे स्टेशन तक पहुंचा। शहर के सभी स्कूलों और बाजारों को बंद कराया गया। विश्वनाथ प्रसाद मरदाना के नेतृत्व में माल गोदाम के मजदूर भी आंदोलन में शामिल हो गए। इसी आदोलन ने बलिया को 1942 में ही आजाद करा दिया था। जुलूस में योगेंद्र प्रसाद गुप्ता, डॉ. दिनेश शंकर यादव, डॉ. राजकुमार गुप्ता, विनोद तिवारी, कौशल कुमार गुप्त, सरदार श्रवण सिंह, शिवमंदिर शर्मा, सागर सिंह राहुल, विरेन्द्र गुप्त, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, अभय सिंह कुशवाहा, पंकज कुमार, राजेश कुमार गुप्ता की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।