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फर्श पर बैठकर छात्राओं ने की पढ़ाई
ballia
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:58 PM IST
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जमीन पर बैठ कर पढाई करती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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सोनबरसा स्थित नए जीजीआईसी भवन में शिक्षण कार्य बुधवार से शुरू हुआ। फर्नीचर के अभाव में पहले ही दिन छात्राओं को फर्श पर बैठना पड़ा। वहीं उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद छात्राओं को हैंडपम्प से आर्सेनिक युक्त पानी का इस्तेमाल किया। जीजीआईसी में एक प्रधानाचार्य, आठ शिक्षिकाओं के जिम्मे 132 छात्राएं है। लेकिन साइंस के सिर्फ जीवविज्ञान का एक टीचर ही है, इस विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 21 पद है, लेकिन सिर्फ नौ शिक्षक की तैनाती की गई है। स्वीपर/चौकीदार का पद भी खाली है।
प्रधानाचार्य डाक्टर अर्चना जायसवाल की मानें तो अभी विद्यालय का 50 फीसदी कार्य अधूरा है। अभी बैरिया से सोनबरसा नए भवन में शिफ्ट करने का आदेश डीएम ने दिया था। सोमवार को सीडीओ सन्तोष कुमार के फीता काटने के बाद शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन अभी भवन हस्तांतरित नहीं हुआ है, किसी तरह एक कक्ष में दो-दो क्लास चल रही है। प्रधानाचार्य ने कहा की सुरक्षा की दृष्टि से भले ही सामने होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन बाउंड्रीवाल की ऊंचाई पांच फीट की है, बाउंड्रीवाल से कोई भी कूद कर अंदर प्रवेश कर सकता है। जिससे छात्राएं सुरक्षित नही हैं। जबकि गेट पर तैनात होमगार्ड की शिकायत है कि गार्ड रुम में न तो बिजली की कनेक्शन दिया गया है और न रात में आराम करने के लिए चौकी है।
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प्रधानाचार्य डाक्टर अर्चना जायसवाल की मानें तो अभी विद्यालय का 50 फीसदी कार्य अधूरा है। अभी बैरिया से सोनबरसा नए भवन में शिफ्ट करने का आदेश डीएम ने दिया था। सोमवार को सीडीओ सन्तोष कुमार के फीता काटने के बाद शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन अभी भवन हस्तांतरित नहीं हुआ है, किसी तरह एक कक्ष में दो-दो क्लास चल रही है। प्रधानाचार्य ने कहा की सुरक्षा की दृष्टि से भले ही सामने होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन बाउंड्रीवाल की ऊंचाई पांच फीट की है, बाउंड्रीवाल से कोई भी कूद कर अंदर प्रवेश कर सकता है। जिससे छात्राएं सुरक्षित नही हैं। जबकि गेट पर तैनात होमगार्ड की शिकायत है कि गार्ड रुम में न तो बिजली की कनेक्शन दिया गया है और न रात में आराम करने के लिए चौकी है।
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