यूपी के राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल की बेतुकी टिप्पणी, बोले-अबुल कलाम आजाद के हृदय में भारतीयता के लिए नहीं था स्थान
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सूबे के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने देश के पहले शिक्षा मंत्री डॉ. अबुल कलाम आजाद को लेकर बेतुकी टिप्पणी की है। उन्होंने भारतीय इतिहास में भारतीय नायकों छत्रपति शिवाजी व महाराणा प्रताप की उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। मामले को लेकर आनंद स्वरूप शुक्ला के नंबर पर लगातार कई बार कॉल करने के बावजूद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
राज्य मंत्री शुक्ल ने यह बयान जननायक चंद्रशेखर विश्विद्यालय में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दिया, जिसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। शुक्ल ने कहा है कि देश के पहले शिक्षा मंत्री डॉ. अबुल कलाम आजाद के हृदय में भारत व भारतीयता के प्रति स्थान नहीं था।
उन्होंने भारतीय इतिहास में भारतीय नायकों शिवाजी व महाराणा प्रताप की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि इतिहास में गुरु तेग बहादुर का कोई उल्लेख नही मिलता। कश्मीरी पंडितों ने जब गुरु तेग बहादुर से आग्रह किया कि आइए हमारी रक्षा कीजिए, औरंगजेब की सेना हम पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बना रही है, गुरु गए तो औरंगजेब की सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर उनका सिर कलम कर दिया, लेकिन इसे इतिहास से हटा दिया गया।
जो चीजें दिखाई गईं, उनमें अकबर महान शामिल है, जबकि आईने अकबरी और अकबर के समकालीन इस्लामी इतिहासकारों ने भी उसे कभी महान नहीं कहा। भारत का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला जो अफगानिस्तान में है वह हमारा है और हमारा होना चाहिए, उन सारे लोगों को सांप्रदायिक कहा गया।
उन्होंने भारत के विभाजन को लेकर भी प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि जहां के लोग पाकिस्तान नहीं बनाना चाहते थे वहां पाकिस्तान बना और जहां के लोगों ने पाकिस्तान के गठन के लिए ज्यादा वोट किया था, वे देश में ही रह गए। शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद के बाद एमसी छागला, नूरुल हसन और हुमायूं कबीर जैसे लोगों ने भारत की शिक्षा पद्धति को नुकसान पहुंचाया।
संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला का पक्ष
वायरल वीडियो को लेकर संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल ने कहा कि इस देश का दुर्भाग्य रहा कि कांग्रेस के विभिन्न शिक्षा मंत्रियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था को देश के महान नायकों के विपरीत सुनियोजित साजिश के तहत हमें मुगलों का गुलाम दिखाया और उन्हें ही महान बताया।