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जब बढ़ेगी गंभीर मरीजों तादाद तो कहां मिलेगा वेंटिलेटर

Wed, 20 May 2020 08:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2020 08:33 PM IST
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Stomach brought up by selling goods, if nothing is left, then how will Kovid-19 patients recover?ballia news
बलिया। जैसे-जैसे जिले में मरीजों की तादाद बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रशासन की धड़कनें भी तेज हो रही हैं। हालांकि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए जिले के आला अधिकारी बीते मार्च माह से ही कसरत कर रहे हैं। बावजूद इसके हालात बिगड़ने की दशा में हालात संभालना काफी मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन द्वारा जनपद में बसंतपुर स्थित पीएचसी और अशर्फी हास्पिटल को एल-1 ग्रेड का अस्पताल बनाया गया है। वहां सामान्य तौर पर कोरोना संक्रमित तीस-तीस मरीजों के उपचार की व्यवस्था है। जिला अस्पताल में निर्मित ट्रामा सेंटर को एल-2 ग्रेड के अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। यहां गंभीरावस्था में केवल पांच कोरोना पीडि़त मरीजों के इलाज का इंतजाम है, लेकिन चिकित्सकीय स्टाप की कमी है। हालांकि यहां कुल पांच वेंटिलेटर तैयार किए गए हैं। अब दिक्कत ये है कि यदि जिले में गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ती है तो आखिर उनका इलाज कैसे संभव होगा?
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वर्तमान में जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेरह है। इनमें एक को मुक्कमल उपचार के लिए आजमगढ़ के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। शेष बारह को बसंतपुर के एल-1 अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस अस्पताल की क्षमता 30 बेड की है। 30 बेड की क्षमता का एक और एल-1 अस्पताल अशर्फी को बनाया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीपी सिंह की मानें तो ट्रामा सेंटर में एल-2 स्तर का अस्पताल तैयार किया गया है। वहां कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के उपचार की पूरी व्यवस्था है। वेंटिलेटर के सवाल पर वे कहते हैं कि स्टैंडर्ड स्तर के पांच वेंटिलेटर लगाये गये हैं। गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ने के सवाल पर वे बंगले झांकने लगते हैं।
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बता दें कि बीते पांच अप्रैल को जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने कहा था कि जिला प्रशासन कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया था कि संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन व अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में असर्फी अस्पताल में हर सुविधा से लैस 30 बेड तैयार रखा गया है। 25-25 सदस्यीय दो चिकित्सा दल भी बनाया गया है, जो 15-15 दिन काम करेगी।
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आखिर कहां है बलिया के सीएमओ साहब?
बलिया। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई तैयारियों और उससे जुड़ी जानकारी के लिए जब भी सीएमओ प्रीतम कुमार मिश्र के मोबाइल पर संपर्क किया जाता है तो या तो फोन उठता नहीं या उठता है तो उधर बोलने वाले वृजेश सिंह या सोनू होते हैं। ये कभी बताते हैं कि सीएमओ साहब व्यस्त हैं तो कभी बताते हैं कि मिटिंग में हैं। इसके बाद आप कुछ भी कहते रहे फोन सीएमओ साहब तक नहीं पहुंचता। इसे लेकर बीते दिनों जिलाधिकारी की पत्रकार वार्ता में सवाल भी उठाया गया, लेकिन इसके बाद भी सीएमओ साहब की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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शासन की ओर से जिलास्तर एल-1 स्तर का अस्पताल तैयार करने का निर्देश था, जिसके क्रम में जिले में दो तीस बेड के अस्पताल तैयार कराए गए। एल-2 स्तर का अस्पताल मंडल मुख्यालय और इससे अधिक गंभीर स्थिति होने पर मेडिकल कॉलेजों में एल-3 स्तर के अस्पताल तैयार हैं। बलिया में हमने एक कदम आगे बढ़ते हुए एल-2 स्तर का पांच बेड का अस्पताल भी तैयार कर रखा है, ताकि महामारी के प्रकोप को रोका जा सके।
श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी
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