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मानक पूरा न होने पर स्कूलों पर कार्रवाई
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:35 PM IST
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जिले की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए हर साल शासन-प्रशासन द्वारा नये-नये विद्यालयों को मान्यता दी जाती है लेकिन इसमें से कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जो मान्यता के बाद छात्र-छात्राओं का नामांकन तो कर लेते हैं लेकिन पढ़ाई और सुविधा के नाम पर फिसड्डी हैं। ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध डीआईओएस ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
जिले में माध्यमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अशासकीय मान्यता प्राप्त और वित्तविहीन सहित कुल 547 माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें अधिकतम विद्यालयों में मानक के हिसाब से पढ़ाई और व्यवस्था नहीं होने की शिकायत बार-बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिलती रहती है।
यही नहीं अक्सर ऐसी ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि विद्यालय को मान्यता तो मिल गई है लेकिन मानक के हिसाब से न तो भवन है और न ही पढ़ाई। ऐेसे में जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह ने जिले के सभी राजकीय, अशासकीय और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच दो माह पहले शुरू कर दी थी।
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सभी विद्यालयों की जांच के बाद ऐसे दर्जनों विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। जहां न तो मानक के हिसाब से भवन है न सुविधा और न ही पढ़ने वाले छात्र। जांच के दौरान ऐसे भी करीब एक दर्जन विद्यालय पाए गए जो पूरी तरह से बंद थे।
जांच के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने मानक की पूरी तरह से अनदेखी करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कुल 547 माध्यमिक विद्यालय हैं।
इसमें से सभी विद्यालयों के मानक की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में करीब एक दर्जन विद्यालय बंद पाए गए हैं। जबकि ऐसे भी विद्यालय हैं, जो चल तो रहे हैं लेकिन उनके भवन और अन्य सुविधाओं के मानक पूरे नहीं हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर बंद पड़े और मानक को पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी किया जाएगा।
इसके बाद भी मानक पूरे नहीं होने पर मान्यता रद्द की जा सकती है। वैसे इस जांच से परीक्षा केंद्र निर्धारण में सहूलियत होगी।
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जिले में माध्यमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अशासकीय मान्यता प्राप्त और वित्तविहीन सहित कुल 547 माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें अधिकतम विद्यालयों में मानक के हिसाब से पढ़ाई और व्यवस्था नहीं होने की शिकायत बार-बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिलती रहती है।
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यही नहीं अक्सर ऐसी ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि विद्यालय को मान्यता तो मिल गई है लेकिन मानक के हिसाब से न तो भवन है और न ही पढ़ाई। ऐेसे में जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह ने जिले के सभी राजकीय, अशासकीय और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच दो माह पहले शुरू कर दी थी।
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सभी विद्यालयों की जांच के बाद ऐसे दर्जनों विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। जहां न तो मानक के हिसाब से भवन है न सुविधा और न ही पढ़ने वाले छात्र। जांच के दौरान ऐसे भी करीब एक दर्जन विद्यालय पाए गए जो पूरी तरह से बंद थे।
जांच के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने मानक की पूरी तरह से अनदेखी करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कुल 547 माध्यमिक विद्यालय हैं।
इसमें से सभी विद्यालयों के मानक की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में करीब एक दर्जन विद्यालय बंद पाए गए हैं। जबकि ऐसे भी विद्यालय हैं, जो चल तो रहे हैं लेकिन उनके भवन और अन्य सुविधाओं के मानक पूरे नहीं हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर बंद पड़े और मानक को पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी किया जाएगा।
इसके बाद भी मानक पूरे नहीं होने पर मान्यता रद्द की जा सकती है। वैसे इस जांच से परीक्षा केंद्र निर्धारण में सहूलियत होगी।