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12 हजार खर्च करें और घर में बनाएं मिनी बार
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मदिरा पान के शौकीन अब अपने घरों के अंदर भी बेफिक्र होकर किसी भी ब्रांड की शराब बिना किसी रोकटोक पी सकते हैं। बशर्ते उनके पास इसके लिए आबकारी विभाग की ओर से जारी वैयक्तिक होम लाइसेंस होना चाहिए। शासन के निर्देश पर आबकारी विभाग इसकी कवायद में जुट गया है।
इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि कोविड काल के लंबे दौर के चलते शराब पीने वाले उस क्लास को काफी परेशानी उठानी पड़ी जो कि बिना किसी रोकटोक के पीना चाहते हैं। इस क्लास से ताल्लुक रखने वालों में बड़े बिजनेसमैन, कॉरपोरेट कल्चर से जुड़े लोग आते हैं। इसी धनाढ्य वर्ग की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग ने अब वैयक्तिक होम लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था शुरू की है। अंदरखाने की बात यह भी है कि उक्त वर्ग के लोगों के यहां जब कोई आईटी या किसी प्रकार का रेड पड़ता है तो यदि उनके कैंपस में महंगी शराब की बोतलें स्टोर पाई गई तो वो भी आबकारी एक्ट के तहत रेड के ही हिस्से में जोड़ा जाता है। ऐसे में यदि पहले से होम लाइसेंस होगा तो इस असुविधा से ये लोग बच सकेंगे।
बहरहाल, इसके लिये संबंधित व्यक्ति को सालाना 12 हजार रुपये लाइसेंस फीस जमा करने के साथ बतौर सिक्योरिटी राशि 51000 रुपये जमा करना होगा। इसके बाद वो विभाग द्वारा प्रदत्त उक्त लाइसेंस के तहत अपने घर के अंदर 108 शराब की बोतलें स्टोर कर सकता है। हालांकि शर्त यह है कि वो इसकी बिक्री नहीं कर सकता है। वो सिर्फ अपने परिजनों, अतिथि व मित्रों आदि के साथ घर के अंदर इसका का लुत्फ उठा सकते हैं। वर्ष 2020 जनवरी को ही इस बाबत आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्कुलर जारी कर दिया था, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी यह नई व्यवस्था पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पायी। जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि इस व्यवस्था के प्रसार के तहत जिले की सभी शराब की दुकानों पर बकायदा एक नोट चस्पा कराया जाएगा ताकि वहां पर हर आने-जाने वाले की उस पर नजर पड़े और वो इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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कोविड दौर के चलते होम लाइसेंस व्यवस्था गति नहीं पकड़ सकी। मगर अब इसे मूर्त रुप देने की कवायद पुन: शुरु की जा रही है। मंशा यह है कि बिजनेस व कॉरपोरेट क्लास वाले बडे़ लोगों को शराब पीने के लिए व्यवहारिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
- अनुपम राजन, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया।
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इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि कोविड काल के लंबे दौर के चलते शराब पीने वाले उस क्लास को काफी परेशानी उठानी पड़ी जो कि बिना किसी रोकटोक के पीना चाहते हैं। इस क्लास से ताल्लुक रखने वालों में बड़े बिजनेसमैन, कॉरपोरेट कल्चर से जुड़े लोग आते हैं। इसी धनाढ्य वर्ग की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग ने अब वैयक्तिक होम लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था शुरू की है। अंदरखाने की बात यह भी है कि उक्त वर्ग के लोगों के यहां जब कोई आईटी या किसी प्रकार का रेड पड़ता है तो यदि उनके कैंपस में महंगी शराब की बोतलें स्टोर पाई गई तो वो भी आबकारी एक्ट के तहत रेड के ही हिस्से में जोड़ा जाता है। ऐसे में यदि पहले से होम लाइसेंस होगा तो इस असुविधा से ये लोग बच सकेंगे।
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बहरहाल, इसके लिये संबंधित व्यक्ति को सालाना 12 हजार रुपये लाइसेंस फीस जमा करने के साथ बतौर सिक्योरिटी राशि 51000 रुपये जमा करना होगा। इसके बाद वो विभाग द्वारा प्रदत्त उक्त लाइसेंस के तहत अपने घर के अंदर 108 शराब की बोतलें स्टोर कर सकता है। हालांकि शर्त यह है कि वो इसकी बिक्री नहीं कर सकता है। वो सिर्फ अपने परिजनों, अतिथि व मित्रों आदि के साथ घर के अंदर इसका का लुत्फ उठा सकते हैं। वर्ष 2020 जनवरी को ही इस बाबत आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्कुलर जारी कर दिया था, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी यह नई व्यवस्था पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पायी। जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि इस व्यवस्था के प्रसार के तहत जिले की सभी शराब की दुकानों पर बकायदा एक नोट चस्पा कराया जाएगा ताकि वहां पर हर आने-जाने वाले की उस पर नजर पड़े और वो इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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कोविड दौर के चलते होम लाइसेंस व्यवस्था गति नहीं पकड़ सकी। मगर अब इसे मूर्त रुप देने की कवायद पुन: शुरु की जा रही है। मंशा यह है कि बिजनेस व कॉरपोरेट क्लास वाले बडे़ लोगों को शराब पीने के लिए व्यवहारिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
- अनुपम राजन, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया।