बलिया। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालन सुगमता के मूलभूत ढांचे में विस्तार के क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बलिया-फेफना (10 किमी.) रेल खंड विद्युतकृत लाइन के साथ दोहरीकरण कार्य पूरा हुआ। बुधवार को स्पीड ट्रायल में स्पेशल ट्रेन ने 110 किमी की गति को छुआ।
छपरा-औड़िहार रेल खंड की दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत बलिया-फेफना के मध्य नवनिर्मित दूसरी विद्युतीकृत लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी परिक्षेत्र, लखनऊ मोहम्मद लतीफ खान द्वारा संरक्षा परिक्षण संपन्न होने के बाद बुधवार को स्पीड ट्रायल किया गया। निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) आरके यादव, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी विजय कुमार पंजियार, मुख्य विद्युत इंजीनियर संतोष बैरवा, मुख्य इंजीनियर निर्माण आशुतोष मिश्रा, मुख्य विद्युत डिजाइन इंजीनियर आरके गुप्ता समेत उप मुख्य संरक्षा अधिकारी बीके शर्मा उपस्थित थे। रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद खान ने सबसे पहले फेफना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और दोहरीकरण सह विद्युतीकृत रेल खंड के मानक के अनुरूप यार्ड प्लान, इंटरलॉकिंग स्टैंडर्ड, ब्लॉक यंत्र, स्टेशन वर्किंग रूल, केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, पैदल उपरिगामी पुल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, प्वाइंट क्रासिंग आदि की संरक्षा परखी। फेफना स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण के मुताबिक विकसित विभिन्न कार्यो के निरीक्षण में सभी कार्य मानक के अनुरूप पाया। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा विद्युत चालित सीआर एस स्पेशल से नई लाइन पर स्पीड ट्रायल किया। स्पेशल गाड़ी फेफना से 17:50 में खुली और 18:05 पर बलिया पहुंची। सीआरएस स्पेशल ने स्पीड ट्रायल में अधिकतम 110 किमी प्रतिघंटे गति को छुआ।