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बलिया नगर से सपा ने नारद को मैदान में उतारा
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बलिया। सपा ने बलिया नगर विधानसभा से भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। यहां से पार्टी ने पूर्व मंत्री नारद राय को प्रत्याशी बनाया है। नारद राय के मैदान में आने से सीट पर कड़े घमासान की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा ने इस सीट से दयाशंकर सिंह और बसपा ने शिवदास प्रसाद वर्मा उर्फ मदन वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
छात्र राजनीति से आए नारद राय पहली बार 1984 में चौधरी चरण सिंह की पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़े थे और हार गए। 1993 में सपा-बसपा गठबंध से भी उन्हें हार मिली थी। 2002 में पहली बार सपा से विधायक बने और प्रदेश सरकार में नगर विकास राज्य मंत्री बने। 2007 में सपा से फिर चुनाव लड़े और हार गए। 2012 में फिर सपा से विधायक बने और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बाद में अखिलेश सरकार ने नारद राय को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट कटने पर नारद राय बसपा में चले गए थे। चुनाव भी लड़े, लेकिन भाजपा के आनंद स्वरूप शुक्ला से हार गए। बाद में बसपा छोड़ कर सपा में वापसी कर ली। उन्हें मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है। इस बार पार्टी की ओर से उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया गया है। पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय’’कान्हजी’’ ने कहा कि नारद राय को बलिया नगर से समाजवदी पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित किया गया है।
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बैरिया, रसड़ा और बेल्थरारोड को लेकर चुप्पी
बलिया। विधानसभा सीटों से अपन प्रत्याशी घोषित करने में सपा अब भी पीछे चल रही है। पार्टी इस बार सुभासपा से गठबंध कर मैदान में उतरी है। बैरिया, रसड़ा और बेल्थरारोड से प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है। रसड़ा और बेल्थरारोड सीट सुभासपा को जाने की चर्चाएं हैं, लेकिन अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है।
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छात्र राजनीति से आए नारद राय पहली बार 1984 में चौधरी चरण सिंह की पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़े थे और हार गए। 1993 में सपा-बसपा गठबंध से भी उन्हें हार मिली थी। 2002 में पहली बार सपा से विधायक बने और प्रदेश सरकार में नगर विकास राज्य मंत्री बने। 2007 में सपा से फिर चुनाव लड़े और हार गए। 2012 में फिर सपा से विधायक बने और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बाद में अखिलेश सरकार ने नारद राय को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट कटने पर नारद राय बसपा में चले गए थे। चुनाव भी लड़े, लेकिन भाजपा के आनंद स्वरूप शुक्ला से हार गए। बाद में बसपा छोड़ कर सपा में वापसी कर ली। उन्हें मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है। इस बार पार्टी की ओर से उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया गया है। पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय’’कान्हजी’’ ने कहा कि नारद राय को बलिया नगर से समाजवदी पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित किया गया है।
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बैरिया, रसड़ा और बेल्थरारोड को लेकर चुप्पी
बलिया। विधानसभा सीटों से अपन प्रत्याशी घोषित करने में सपा अब भी पीछे चल रही है। पार्टी इस बार सुभासपा से गठबंध कर मैदान में उतरी है। बैरिया, रसड़ा और बेल्थरारोड से प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है। रसड़ा और बेल्थरारोड सीट सुभासपा को जाने की चर्चाएं हैं, लेकिन अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है।
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