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बोया कोई और, असलहे के बल पर खेत काटा कोई और
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बैरिया। गंगा उस पार नौरंगा गांव के दक्षिण तरफ यूपी-बिहार के सीमा पर बिहार के दबंग रविवार को असलहे के बल पर नौरंगा के किसानों का करीब चार एकड़ से अधिक में बोई गई मसूर, सरसों व खेसारी की फसल काट ले गए। पीड़ित नौरंगा उत्तर प्रदेश के किसान थाना तहसील का चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़ित किसानों ने पुलिस पर दबंगों का सहयोग करने का आरोप लगाया है और पुलिस अधीक्षक, डीआईजी तथा जिलाधिकारी से पीड़ित किसानों ने फरियाद की है।
किसान जनार्दन ठाकुर, रामजी ठाकुर, रामजन्म ठाकुर, सुधाकर ठाकुर, मनोज ठाकुर आदि ने बताया कि उन्होंने नौरंगा मौजा में मसूर, खेसारी व सरसों की खेती की थी। फसल जब पकने को हुई तो बिहार के ओझवलिया गांव निवासी कुछ दबंग फसल को अपनी बताते हुए हथियार के बल पर काटने का प्रयास करने लगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश के किसान बैरिया थाना पहुंचे, जहां कोतवाल ने इसे राजस्व का मामला बताते हुए तहसील में जाने को कहा। बैरिया तहसील पर उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनकर जिस ने बोया है, वही काटेगा के आधार पर मामले को हल करने के लिए बैरिया एसएचओ को लिखा। पीड़ितों का आरोप है कि थाने पहुंचने पर एसएचओ मौजूद नहीं थे। उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव एवं बैरिया चौकी इंचार्ज अखिलेश नारायण सिंह मौजूद थे। आरोप है पीड़ितों का आवेदन उप निरीक्षक ओम प्रकाश यादव ने फेंक दिया और तुरंत थाने से भाग जाने को कहा। पीड़ित वापस थाने के बाहर चले गए। कोतवाल शिवशंकर सिंह के आने पर फिर थाने पर पहुंचकर अपनी पूरी बात बताई। एसएचओ ने मामले की छानबीन कर उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए इन्हें वापस भेज दिया, इस दौरान दबंग उधर खेत काटते रहे। फिर तीसरे दिन दबंगों ने असलहे के बल पर फसल काट ली। एसएचओ बैरिया शिव शंकर सिंह ने पूछने पर बताया कि जो बोया है वह काटेगा के आधार पर बिहार के काश्तकारों ने फसल काटी है क्योंकि फसल उन्हीं ने बोई थी। जबकि नौरंगा के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर सहित गांव के दर्जनों लोगों ने बताया कि यह खेत जनार्दन ठाकुर, राम जी ठाकुर, राम जन्म ठाकुर, सुधाकर ठाकुर, मनोज ठाकुर आदि बोए थे। यह लोग पिछले 20 साल से उक्त खेतों पर खेती करते आ रहे हैं। पहले कभी इस तरह का विवादास्पद स्थिति इस खेत पर उत्पन्न नहीं हुआ था। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस दबंगों से मिली हुई है। इस बाबत क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि जब थाना की पुलिस ने सहयोग नहीं किया तो पीड़ितों को मेरे यहां आकर मामला बताना चाहिए था। अब इसमें जो कार्यवाही होगी वह की जाएगी। वहीं एसडीएम बैरिया अभय कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला मेरे पास आया था। मैंने एसएचओ से कार्यवाही के लिए आदेश दिया था। देखवाता हूं इसमें क्या कार्यवाही हुई है। प्रकरण की जांच मैं अपने स्तर से करूंगा।
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किसान जनार्दन ठाकुर, रामजी ठाकुर, रामजन्म ठाकुर, सुधाकर ठाकुर, मनोज ठाकुर आदि ने बताया कि उन्होंने नौरंगा मौजा में मसूर, खेसारी व सरसों की खेती की थी। फसल जब पकने को हुई तो बिहार के ओझवलिया गांव निवासी कुछ दबंग फसल को अपनी बताते हुए हथियार के बल पर काटने का प्रयास करने लगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश के किसान बैरिया थाना पहुंचे, जहां कोतवाल ने इसे राजस्व का मामला बताते हुए तहसील में जाने को कहा। बैरिया तहसील पर उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनकर जिस ने बोया है, वही काटेगा के आधार पर मामले को हल करने के लिए बैरिया एसएचओ को लिखा। पीड़ितों का आरोप है कि थाने पहुंचने पर एसएचओ मौजूद नहीं थे। उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव एवं बैरिया चौकी इंचार्ज अखिलेश नारायण सिंह मौजूद थे। आरोप है पीड़ितों का आवेदन उप निरीक्षक ओम प्रकाश यादव ने फेंक दिया और तुरंत थाने से भाग जाने को कहा। पीड़ित वापस थाने के बाहर चले गए। कोतवाल शिवशंकर सिंह के आने पर फिर थाने पर पहुंचकर अपनी पूरी बात बताई। एसएचओ ने मामले की छानबीन कर उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए इन्हें वापस भेज दिया, इस दौरान दबंग उधर खेत काटते रहे। फिर तीसरे दिन दबंगों ने असलहे के बल पर फसल काट ली। एसएचओ बैरिया शिव शंकर सिंह ने पूछने पर बताया कि जो बोया है वह काटेगा के आधार पर बिहार के काश्तकारों ने फसल काटी है क्योंकि फसल उन्हीं ने बोई थी। जबकि नौरंगा के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर सहित गांव के दर्जनों लोगों ने बताया कि यह खेत जनार्दन ठाकुर, राम जी ठाकुर, राम जन्म ठाकुर, सुधाकर ठाकुर, मनोज ठाकुर आदि बोए थे। यह लोग पिछले 20 साल से उक्त खेतों पर खेती करते आ रहे हैं। पहले कभी इस तरह का विवादास्पद स्थिति इस खेत पर उत्पन्न नहीं हुआ था। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस दबंगों से मिली हुई है। इस बाबत क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि जब थाना की पुलिस ने सहयोग नहीं किया तो पीड़ितों को मेरे यहां आकर मामला बताना चाहिए था। अब इसमें जो कार्यवाही होगी वह की जाएगी। वहीं एसडीएम बैरिया अभय कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला मेरे पास आया था। मैंने एसएचओ से कार्यवाही के लिए आदेश दिया था। देखवाता हूं इसमें क्या कार्यवाही हुई है। प्रकरण की जांच मैं अपने स्तर से करूंगा।
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