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कोई बना कार्य अधिकारी पंचायती राज तो कोई प्रधानाचार्य
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बलिया। जिले के पांच युवाओं ने यूपीपीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। किसी को पहली तो किसी दूसरी और तीसरे न्रयास में सफलता मिली है। यूपीपीसीएस में सफलता के बाद अलग पद हासिल हुए हैं।
कार्य अधिकारी पंचायती राज बने अमर्त्य विक्रम सिंह
मनियर। वार्ड नंबर पांच निवासी अमर्त्य विक्रम सिंह ने प्रथम प्रयास में ही पीसीएस 2018 की परीक्षा उत्तीर्ण कर कार्य अधिकारी पंचायती राज पद पाकर जनपद का नाम रोशन किया है। इस सफलता पर मनियर में खुशी की लहर दौड़ गई । अमर्त्य विक्रम सिंह मनियर इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त लिपिक विक्रमादित्य सिंह के दूसरे पुत्र हैं। इनके बड़े भाई अमित कुमार सिंह 2013 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। अमर्त्य वर्तमान में इलाहाबाद में है।वह अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई पीसीएस अधिकारी अमित कुमार सिंह औरअपने माता-पिता तथा गुरु को देते है। वह कहते हैं कि गुरुजी मनियर इंटर कॉलेज के अवकाश प्राप्त अध्यापक जगदीश राय उन्हें प्रेरित करते रहे हैं। अमर्त्य ने मनियर इंटर कॉलेज में ही इंटर तक की पढ़ाई की। 2012 में इंटरमीडिएट करने के बाद 2017 में रामस्वरूप मेमोरियल कॉलेज लखनऊ से बीटेक किया और 2018 में इस सफलता को हासिल कर लिया।
यूपी पीसीएस में सफलता पाकर प्रधानाचार्य बने रविंद्र
हल्दी। क्षेत्र के राजपुर एकौना गांव निवासी रविंद्र राम ने पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई और उनका चयन प्रधानाचार्य पद पर हुआ है। इसे लेकर उनके परिवार और ग्रामीणों में खुशी है। क्षेत्र के राजपुर एकौना गांव निवासी रविंद्र राम पुत्र स्व. जोखन राम ने वर्ष 2018 में यूपीपीसीएस की परीक्षा दी थी। जिसका परिणाम शुक्रवार को जारी हुआ, जिसमें इनका भी नाम रहा। रविंद्र का चयन जीआईसी में प्रधानाचार्य के पद पर हुआ है। रविंद्र की प्राथमिक शिक्षा गांव से शुरू हुई थी। उन्होंने 1989 में क्षेत्र के श्री पराशर ब्रम्हचर्य आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीताकुंड हाईस्कूल किया और अंतिम शिक्षा एमए 1998 में सतीश चंद्र कालेज बलिया से किया। इससे पूर्व इनका चयन 1999 में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक, 2001 में इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक, 2003 में इंटर कॉलेज में प्रवक्ता और 2008 में लोक सेवा आयोग इलाहाबाद की ओर से बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर हुआ था।
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पीसीएस एग्रीकल्चर में ऐरम को मिली 11वीं रैंक
बलिया। नगर के विशुनीपुर मुहल्ला निवासी एवं चकबंदी विभाग के सेवानिवृत्त पेशकार मिर्जा नजमुदौला की पुत्री कुमारी ऐरम पीसीएस एग्रीकल्चर परीक्षा 2018 सामान्य वर्ग में 11वां रैंक हासिल कर परिजनों सहित जनपद का नाम रोशन किया है। ऐरम ने कहा कि उनका लक्ष्य आईएएस पास करना है। कुमारी ऐरम की प्रारम्भिक शिक्षा जनपद में ही हुआ और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीएससी एजी एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर से एमएससी एजी की परीक्षा पास की। इसी बीच ऐरम ने पीसीएस परीक्षा दी जिसमें सफलता मिली। ऐरम ने अपनी कामयाबी का श्रेय बड़ी बहन डॉ. जेबा सुम्मैया और अपने माता-पिता और बड़े भाई रेहान को देते हुए कहा कि लगन और कठिन परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। कुमारी ऐरम की कामयाबी पर मिर्जा फिरोज, एडवोकेट मिर्जा जहांगीर, सरताज जमानी, आसिफ जैदी, शयान सिद्दीकी, अली शानू आदि ने बधाई दी है।
सौरभ को दूसरीख्ं पयास में मिली यूपी पीसीएस में सफलता
बलिया। बेरुआरबारी ब्लॉक के तारदिला गांव निवासी और हाईस्कूल कैथवली के प्रधानाचार्य अंजनी कुमार सिंह के छोटे पुत्र सौरभ सिंह ने यूपी पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर गांव और जिले का नाम रौशन किया है। सौरभ समाजवादी छात्रसभा बलिया के जिलाध्यक्ष राना कुनाल सिंह के अनुज भी हैं। परिजनों ने कहा कि सौरभ शुरू से ही मेधावी रहे। वह हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा सुखपुरा संत यति नाथ विद्यालय से पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद से स्नातक करने के बाद वहीं एमए की परीक्षा में टॉप किया। 2015 में यूपीपीएससी परीक्षा पास करने के बाद एक्साइज इंस्पेक्टर बने और पश्चिम बंगाल में तैनाती मिली। वर्तमान में सौरभ वहीं तैनात हैं। सौरभ सिंह की मां बिंदु सिंह गृहणी हैं।
आनंद कुमार बने डीवाईएसपी
बलिया। जिले के रेपुरा निवासी आनंद कुमार राय ने यूपी पीसीएस परीक्षा में 21वां रैंक हासिल किया है और उन्हें डीवाईएसपी पद मिला है। इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा वर्ष 2007 में व इंटर की परीक्षा वर्ष 2009 में सेंट्रल स्कूल बलिया से उत्तीर्ण की। इसके पश्चात मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी गोरखपुर से वर्ष 2015 में बीटेक किया। इनके पिता उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में क्लर्क के पद पर हैं और माता गृहणी हैं। तीन भाइयों में यह सबसे छोटे आनंद हैं। इनके सबसे बड़े भाई सिंचाई विभाग में इंजीनियर और उनसे छोटे भाई ऑर्डिनेंस में हैं। इनके चयन की खबर सुनते ही परिवार में खुशी छा गई और बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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कार्य अधिकारी पंचायती राज बने अमर्त्य विक्रम सिंह
मनियर। वार्ड नंबर पांच निवासी अमर्त्य विक्रम सिंह ने प्रथम प्रयास में ही पीसीएस 2018 की परीक्षा उत्तीर्ण कर कार्य अधिकारी पंचायती राज पद पाकर जनपद का नाम रोशन किया है। इस सफलता पर मनियर में खुशी की लहर दौड़ गई । अमर्त्य विक्रम सिंह मनियर इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त लिपिक विक्रमादित्य सिंह के दूसरे पुत्र हैं। इनके बड़े भाई अमित कुमार सिंह 2013 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। अमर्त्य वर्तमान में इलाहाबाद में है।वह अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई पीसीएस अधिकारी अमित कुमार सिंह औरअपने माता-पिता तथा गुरु को देते है। वह कहते हैं कि गुरुजी मनियर इंटर कॉलेज के अवकाश प्राप्त अध्यापक जगदीश राय उन्हें प्रेरित करते रहे हैं। अमर्त्य ने मनियर इंटर कॉलेज में ही इंटर तक की पढ़ाई की। 2012 में इंटरमीडिएट करने के बाद 2017 में रामस्वरूप मेमोरियल कॉलेज लखनऊ से बीटेक किया और 2018 में इस सफलता को हासिल कर लिया।
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यूपी पीसीएस में सफलता पाकर प्रधानाचार्य बने रविंद्र
हल्दी। क्षेत्र के राजपुर एकौना गांव निवासी रविंद्र राम ने पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई और उनका चयन प्रधानाचार्य पद पर हुआ है। इसे लेकर उनके परिवार और ग्रामीणों में खुशी है। क्षेत्र के राजपुर एकौना गांव निवासी रविंद्र राम पुत्र स्व. जोखन राम ने वर्ष 2018 में यूपीपीसीएस की परीक्षा दी थी। जिसका परिणाम शुक्रवार को जारी हुआ, जिसमें इनका भी नाम रहा। रविंद्र का चयन जीआईसी में प्रधानाचार्य के पद पर हुआ है। रविंद्र की प्राथमिक शिक्षा गांव से शुरू हुई थी। उन्होंने 1989 में क्षेत्र के श्री पराशर ब्रम्हचर्य आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीताकुंड हाईस्कूल किया और अंतिम शिक्षा एमए 1998 में सतीश चंद्र कालेज बलिया से किया। इससे पूर्व इनका चयन 1999 में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक, 2001 में इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक, 2003 में इंटर कॉलेज में प्रवक्ता और 2008 में लोक सेवा आयोग इलाहाबाद की ओर से बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर हुआ था।
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पीसीएस एग्रीकल्चर में ऐरम को मिली 11वीं रैंक
बलिया। नगर के विशुनीपुर मुहल्ला निवासी एवं चकबंदी विभाग के सेवानिवृत्त पेशकार मिर्जा नजमुदौला की पुत्री कुमारी ऐरम पीसीएस एग्रीकल्चर परीक्षा 2018 सामान्य वर्ग में 11वां रैंक हासिल कर परिजनों सहित जनपद का नाम रोशन किया है। ऐरम ने कहा कि उनका लक्ष्य आईएएस पास करना है। कुमारी ऐरम की प्रारम्भिक शिक्षा जनपद में ही हुआ और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीएससी एजी एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर से एमएससी एजी की परीक्षा पास की। इसी बीच ऐरम ने पीसीएस परीक्षा दी जिसमें सफलता मिली। ऐरम ने अपनी कामयाबी का श्रेय बड़ी बहन डॉ. जेबा सुम्मैया और अपने माता-पिता और बड़े भाई रेहान को देते हुए कहा कि लगन और कठिन परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। कुमारी ऐरम की कामयाबी पर मिर्जा फिरोज, एडवोकेट मिर्जा जहांगीर, सरताज जमानी, आसिफ जैदी, शयान सिद्दीकी, अली शानू आदि ने बधाई दी है।
सौरभ को दूसरीख्ं पयास में मिली यूपी पीसीएस में सफलता
बलिया। बेरुआरबारी ब्लॉक के तारदिला गांव निवासी और हाईस्कूल कैथवली के प्रधानाचार्य अंजनी कुमार सिंह के छोटे पुत्र सौरभ सिंह ने यूपी पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर गांव और जिले का नाम रौशन किया है। सौरभ समाजवादी छात्रसभा बलिया के जिलाध्यक्ष राना कुनाल सिंह के अनुज भी हैं। परिजनों ने कहा कि सौरभ शुरू से ही मेधावी रहे। वह हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा सुखपुरा संत यति नाथ विद्यालय से पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद से स्नातक करने के बाद वहीं एमए की परीक्षा में टॉप किया। 2015 में यूपीपीएससी परीक्षा पास करने के बाद एक्साइज इंस्पेक्टर बने और पश्चिम बंगाल में तैनाती मिली। वर्तमान में सौरभ वहीं तैनात हैं। सौरभ सिंह की मां बिंदु सिंह गृहणी हैं।
आनंद कुमार बने डीवाईएसपी
बलिया। जिले के रेपुरा निवासी आनंद कुमार राय ने यूपी पीसीएस परीक्षा में 21वां रैंक हासिल किया है और उन्हें डीवाईएसपी पद मिला है। इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा वर्ष 2007 में व इंटर की परीक्षा वर्ष 2009 में सेंट्रल स्कूल बलिया से उत्तीर्ण की। इसके पश्चात मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी गोरखपुर से वर्ष 2015 में बीटेक किया। इनके पिता उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में क्लर्क के पद पर हैं और माता गृहणी हैं। तीन भाइयों में यह सबसे छोटे आनंद हैं। इनके सबसे बड़े भाई सिंचाई विभाग में इंजीनियर और उनसे छोटे भाई ऑर्डिनेंस में हैं। इनके चयन की खबर सुनते ही परिवार में खुशी छा गई और बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।