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Ballia News: मिट्टी की सेहत की होगी जांच, 20 गांवों से 34 हजार नमूने लिए जाएंगे
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बलिया। खेतों में पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे।
यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। जिले के 20 गांवों से 34 हजार नमूने एकत्रित करने का लक्ष्य है। इसके लिए मृदा परीक्षण मेगा अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत मिट्टी के 16 आवश्यक पोषक तत्वों की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे।
पिछले वर्ष 10 गांवों में किसानों के खेतों से 17000 नमूने लिए गए थे। इन किसानों की मिट्टी की जांच कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा दिए गए थे।
सरकार खेतों की क्षमता परखने के लिए मिट्टी की जांच अभियान चलाया है ताकि खेतों में पोषक की कमी को दूर किया जा सके। इससे खेतों में पैदावार बढ़ जाएगी। उप कृषि निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि पौधों को बेहतर वृद्धि के लिए कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, तांबा, लौह, क्लोरीन समेत 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जिले की कई कृषि भूमि में इन तत्वों की कमी देखी गई है, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है। इस अभियान के तहत मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे और प्रयोगशाला में परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
ऐसे लिए जाते मिट्टी के नमूने : कृषि विभाग की टीम खेतों से फावड़ा या खुरपी की मदद से साफ मिट्टी निकालकर कपड़े की थैली में नमूना एकत्र करेगी। प्रत्येक नमूने के साथ एक सूचना पत्र जोड़ा जाएगा।
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जिसमें किसान का नाम, पता, खेत की पहचान, नमूना तिथि, सिंचाई स्रोत, जल निकासी की स्थिति, आगामी और पूर्व की फसलों की जानकारी आदि दर्ज की जाएगी। सभी नमूने विभागीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
दो किसानों के खेतों से नमूने लिए गए : मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान की शुरूआत दो ब्लाॅक से की गई है। आजमगढ़ मंडल के कृषि रक्षा उप कृषि निदेशक जनार्दन कटियार की देखरेख में दुबहर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत भुईली में कृषक संजय यादव के खेत से तथा हनुमानगंज ब्लाॅक की ग्राम पंचायत गंगहरा में किसान सुशील कुमार सिंह के खेत से नमूना लिया गया। साथ ही किसानों को मृदा नमूना एकत्रीकरण और परीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर उप निदेशक कृषि मनीष कुमार सिंह, पंकज चौरसिया आदि मौजूद थे।
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यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। जिले के 20 गांवों से 34 हजार नमूने एकत्रित करने का लक्ष्य है। इसके लिए मृदा परीक्षण मेगा अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत मिट्टी के 16 आवश्यक पोषक तत्वों की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे।
पिछले वर्ष 10 गांवों में किसानों के खेतों से 17000 नमूने लिए गए थे। इन किसानों की मिट्टी की जांच कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा दिए गए थे।
सरकार खेतों की क्षमता परखने के लिए मिट्टी की जांच अभियान चलाया है ताकि खेतों में पोषक की कमी को दूर किया जा सके। इससे खेतों में पैदावार बढ़ जाएगी। उप कृषि निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि पौधों को बेहतर वृद्धि के लिए कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, तांबा, लौह, क्लोरीन समेत 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जिले की कई कृषि भूमि में इन तत्वों की कमी देखी गई है, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है। इस अभियान के तहत मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे और प्रयोगशाला में परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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ऐसे लिए जाते मिट्टी के नमूने : कृषि विभाग की टीम खेतों से फावड़ा या खुरपी की मदद से साफ मिट्टी निकालकर कपड़े की थैली में नमूना एकत्र करेगी। प्रत्येक नमूने के साथ एक सूचना पत्र जोड़ा जाएगा।
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जिसमें किसान का नाम, पता, खेत की पहचान, नमूना तिथि, सिंचाई स्रोत, जल निकासी की स्थिति, आगामी और पूर्व की फसलों की जानकारी आदि दर्ज की जाएगी। सभी नमूने विभागीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
दो किसानों के खेतों से नमूने लिए गए : मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान की शुरूआत दो ब्लाॅक से की गई है। आजमगढ़ मंडल के कृषि रक्षा उप कृषि निदेशक जनार्दन कटियार की देखरेख में दुबहर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत भुईली में कृषक संजय यादव के खेत से तथा हनुमानगंज ब्लाॅक की ग्राम पंचायत गंगहरा में किसान सुशील कुमार सिंह के खेत से नमूना लिया गया। साथ ही किसानों को मृदा नमूना एकत्रीकरण और परीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर उप निदेशक कृषि मनीष कुमार सिंह, पंकज चौरसिया आदि मौजूद थे।