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605 मामलों का निस्तारण
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 18 Jan 2015 10:52 PM IST
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बलिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को सिविल कोर्ट परिसर में मेगा/वृहद लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 605 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान अलग-अलग न्यायालयाें से अर्थदंड भी वसूले गए।
जनपद न्यायाधीश सीएम तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को दीवानी न्यायालय परिसर में वृहद लोक अदालत शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश द्वारा एक फौजदारी का मुकदमा निस्तारित किया गया। जिसमें दो हजार रुपये अर्थदंड वसूले गए। विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार की शशि की अदालत में एक व्यवहारिक, दो फौजदारी तथा तीन अन्य वाद निबटाए गए।
जिसमें 10500 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। अपर जिला जज चतुर्थ मनोज कुमार राय की अदालत में एक मोटर क्लेम वाद का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायाधीश आरएस सिंह की अदालत में दो भरण-पोषण तथा एक वैवाहिक मामले का निस्तारण कराया गया। सीजेएम रत्नेश मणि त्रिपाठी की अदालत में 45 फौजदारी निस्तारण के साथ ही 8200 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया।
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सिविल जज शोभनाथ सिंह की अदालत में उत्तराधिकार के 25 वाद निस्तारित कराए गए। एसीजेएम द्वितीय कुमार प्रशांत की अदालत में फौजदारी के छह, व्यवहारिक सात मुकदमे का निस्तारण कराया गया। सिविल जज पूर्वी रविकांत यादव की अदालत ने आठ व्यवस्था वाद तथा सिविल जज द्वितीय जय गोपाल गिरी की अदालत में सात फौजदारी के मामले निबटाए गए। साथ ही 2350 रुपये अर्थदंड वसूले गए।
इस दौरान सिविल कोर्ट में 110 वादों का निस्तारण कराने के साथ 23400 रुपये अर्थदंड वसूले गए। जबकि उपजिलाधिकारी न्यायालयों में 467 तथा तहसीलदार न्यायालय में 28 वादों का निस्तारण किया।
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जनपद न्यायाधीश सीएम तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को दीवानी न्यायालय परिसर में वृहद लोक अदालत शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश द्वारा एक फौजदारी का मुकदमा निस्तारित किया गया। जिसमें दो हजार रुपये अर्थदंड वसूले गए। विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार की शशि की अदालत में एक व्यवहारिक, दो फौजदारी तथा तीन अन्य वाद निबटाए गए।
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जिसमें 10500 रुपये अर्थदंड जमा कराए गए। अपर जिला जज चतुर्थ मनोज कुमार राय की अदालत में एक मोटर क्लेम वाद का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायाधीश आरएस सिंह की अदालत में दो भरण-पोषण तथा एक वैवाहिक मामले का निस्तारण कराया गया। सीजेएम रत्नेश मणि त्रिपाठी की अदालत में 45 फौजदारी निस्तारण के साथ ही 8200 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया।
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सिविल जज शोभनाथ सिंह की अदालत में उत्तराधिकार के 25 वाद निस्तारित कराए गए। एसीजेएम द्वितीय कुमार प्रशांत की अदालत में फौजदारी के छह, व्यवहारिक सात मुकदमे का निस्तारण कराया गया। सिविल जज पूर्वी रविकांत यादव की अदालत ने आठ व्यवस्था वाद तथा सिविल जज द्वितीय जय गोपाल गिरी की अदालत में सात फौजदारी के मामले निबटाए गए। साथ ही 2350 रुपये अर्थदंड वसूले गए।
इस दौरान सिविल कोर्ट में 110 वादों का निस्तारण कराने के साथ 23400 रुपये अर्थदंड वसूले गए। जबकि उपजिलाधिकारी न्यायालयों में 467 तथा तहसीलदार न्यायालय में 28 वादों का निस्तारण किया।