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पिड़िया प्रवाहित करने गंगा घाटों पर जुटीं बहनें
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बलिया। गंगा नदी के शिवरामपुर घाट, माल्देपुर घाट, उजियार घाट, भरौली घाट, पचरुखिया, हुकुम छपरा, गंगापुर सहित विभिन्न गंगा घाटों पर सोमवार की भोर में बहनों ने भाई के दीर्घायु के लिए व्रत रखकर पीड़िया को गंगा में प्रवाहित कर विसर्जन किया। इस दौरान सैकड़ों लड़कियों व महिलाओं ने पारंपरिक पीड़िया का गीत गाते हुए गंगा नदी के घाटों पर पहुंची। सबसे अधिक भीड़ गंगा नदी के शिवरामपुर, उजियार, भरौली, हुकुम छपरा व गंगापुर गंगा घाट पर रहीं।
घाटों से ये भीड़ जब वापसी के लिए निकली तो पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया। काफी देर तक लोग जाम से जूझते रहे। आलम यह रहा कि लड़कियों व महिलाओं द्वारा विभिन्न गांव से ट्रैक्टर, मैजिक, टेंपो, ई-रिक्शा के द्वारा आने व वाहनों के बेतरतीब ढंग से खड़े हो जाने के कारण सुबह से ही नगर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर जाम की स्थिति बनी रही। गंगा में पीड़िया को विसर्जित करने के बाद बहनों ने एक दूसरे से गले मिलकर व आपस में चिउड़ा व मिष्ठान का वितरण करके आपसी प्रेम और सौहार्द को कायम रखने की मिशाल पेश की। सबसे विडंबना की बात यह रही कि गंगा नदी के इन घाटों पर महिलाओं की काफी भीड़ होने के बाद भी प्रशासन के तरफ से कोई माकूल व्यवस्था नहीं किया गया था। ना ही पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नाही गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा गंगा नदी में कहीं पर भी डेंजर पॉइंट ही चिन्हित किया गया था। जिसके कारण युवतियों व महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर में जाम का आलम यह रहा कि यातायात पुलिस पूरे दिन जाम छुड़वाने में लगी रही। एक तरफ ददरी मेला तो दूसरी तरफ पीड़िया लग्न आदि रहे।
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घाटों से ये भीड़ जब वापसी के लिए निकली तो पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया। काफी देर तक लोग जाम से जूझते रहे। आलम यह रहा कि लड़कियों व महिलाओं द्वारा विभिन्न गांव से ट्रैक्टर, मैजिक, टेंपो, ई-रिक्शा के द्वारा आने व वाहनों के बेतरतीब ढंग से खड़े हो जाने के कारण सुबह से ही नगर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर जाम की स्थिति बनी रही। गंगा में पीड़िया को विसर्जित करने के बाद बहनों ने एक दूसरे से गले मिलकर व आपस में चिउड़ा व मिष्ठान का वितरण करके आपसी प्रेम और सौहार्द को कायम रखने की मिशाल पेश की। सबसे विडंबना की बात यह रही कि गंगा नदी के इन घाटों पर महिलाओं की काफी भीड़ होने के बाद भी प्रशासन के तरफ से कोई माकूल व्यवस्था नहीं किया गया था। ना ही पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नाही गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा गंगा नदी में कहीं पर भी डेंजर पॉइंट ही चिन्हित किया गया था। जिसके कारण युवतियों व महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर में जाम का आलम यह रहा कि यातायात पुलिस पूरे दिन जाम छुड़वाने में लगी रही। एक तरफ ददरी मेला तो दूसरी तरफ पीड़िया लग्न आदि रहे।
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