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मायके में सिखी सिलाई-बुनाई आज दे रही दो वक्त की रोटी

Wed, 17 Jun 2020 09:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2020 09:39 PM IST
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Sikh sewing and weaving in maiden is giving two times bread today
बैरिया। गैर प्रान्तों में कम्पनियां बन्द होने के कारण रोजी रोजगार न मिलने से प्रवासी मजदूर सकून के दो वक्त की रोटी के लिए गांव पहुंच गए। लेकिन कोई रोजगार न मिलने से गांव में भी इन्हें सकून नहीं मिला और घर के तमाम खर्चे का बोझ इन प्रवासियों को भारी लगने लगा। गांव पर प्रधानों का कहना है कि मनरेगा का जब काम चलेगा तब प्रतिदिन 201 रुपये पर मिल जाएगा। ऐसे में बीए व एमए की शिक्षा ग्रहण कर चुके प्रवासियों को खोमचे से मिट्टी फेंकने की काम असहज लग रहा है। मनमुताबिक काम न मिलने की वजह से प्रवासी मजदूरों की पत्नियां कहती हैं कि स्थिति ठीक होने के बाद शहर जाना पड़ेगा क्योंकि गांव में कोई कल कारखाना तो है नहीं। फिलहाल प्रवासी मजदूरों की हुनरमंद पत्नियां सिलाई, बुनाई व ब्यूटी पार्लर चलाकर घर चला रही हैं। हुनरमंद पत्नियों का कहना है केवल दो वक्त के खाना का खर्च किसी तरह निकाल लेने से जीवन चलने वाला नहीं है। बच्चों की पढ़ाई का पैसा और बच्चियों की शादी के लिए पैसा कहां से आएगा, इसके लिए बाहर जाकर नौकरी करना ही पड़ेगा।
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लक्ष्मणछपरा निवासिनी बुचान्ति देवी पत्नी राजेन्द्र प्रजापति बताती हैं कि पति मेरठ में काम करते थे। सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन लॉकडाउन ने सारे सपनों पर पानी फेर दिया। कम्पनी बन्द हो गई और कम्पनी के मैनेजर ने भी पैसे देने से इंकार कर दिया। तब किसी तरह गांव आ गए लेकिन घर का चूल्हा कैसे जलेगा समस्या उतपन्न हो गई। ऐसे में घर पर ही सिलाई व ब्यूटी पार्लर का काम शुरू की जिससे घर का खर्च निकल रहा है। लक्ष्मणछपरा निवासिनी रेनू गुप्ता पत्नी सियाराम गुप्ता ने बताया कि मेरे पति नोएडा में नौकरी करते थे जहां हमलोग खुशी से रह रहे थे। लॉक डाउन में कम्पनी बन्द होने के बाद कुछ दिनों तक उम्मीदों के साथ घर खर्च चलता रहा कि 21 दिन बाद फिर कम्पनी खुलेगी। लेकिन लॉकडाउन बढ़ गया और सारे पैसे समाप्त हो गए। किसी तरह गांव पहुंचने के बाद यहां भी रोजी रोजगार का संकट खड़ा हो गया। बताया कि मायके में सिलाई सिखी थी लिहाजा सिलाई का काम शुरू कर दी। अब इसकी कमाई से घर का खर्च तो निकल जा रहा है लेकिन अन्य जरुरत पूरा नहीं हो पा रहा है। सरकार कह रही है प्रदेश में ही नौकरी देंगे अगर जल्द नौकरी मिल जाती तो समस्या दूर हो जाती।
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