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15 जनवरी को शिवपुर और सती घाट पर उमड़ेंगे हजारों लोग
ब्यूरो/अमर उजाला/ बलिया
Updated Tue, 12 Jan 2016 10:13 PM IST
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मकरसंक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी शुक्रवार को दोकटी थाना क्षेत्र के शिवपुर घाट और सती घाट पर हजारों की संख्या में यूपी सहित बिहार के लोग स्नान करने के लिए पहुंचेंगे।
स्नान के मद्देनजर प्रशासन की ओर से मात्र दो सिपाहियों पर सुरक्षा की पूरी कमान होगी। इसके अलावा बचाव के नाम पर घाटों पर न तो कोई नाव की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के लिए एडीआरएफ की टीम की ही तैनाती की गई है। इतना ही डूबने से बचाने के लिए घाटों पर बांस और बल्ली तक नहीं लगाए गए हैं।
ज्ञात हो कि मकरसंक्रांति पर शिवपुर घाट और सती घाट पर स्नान के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचते हैं। लेकिन उनके जान माल की सुरक्षा के नाम पर प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए मात्र दो सिपाहियों की तैनाती की है।
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जबकि कटान होने के कारण अक्सर ही इन घाटों पर स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। यदि प्रशासन स्नान क्षेत्र में बांस बल्ली लगाकर खतरनाक स्थानों को चिह्नित कर दे तो स्नान के दौरान होने वाले हादसों में कमी लाई जा सकती है।
क्षेत्र के जयप्रकाश तिवारी, अवधेश राय, मुटन राय, सुरेंद्र राम, कौशल तिवारी आदि लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि मकर संक्रांति पर घाटों पर हादसे के दौरान सुरक्षा के लिए नाव, गोताखोर के साथ ही बांस-बल्ली लगवाई जाए। साथ ही लोगों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं।
मकर संक्रांति पर होने वाले स्नान के मद्देनजर गंगा समग्र समिति के अध्यक्ष अवध राम के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने सती घाट भुसौला पर साफ-सफाई की। इस दौरान घाट पर पड़े कूडे़ को जलाया गया। साथ ही लोगों से भी अपील की गई कि गंगा नदी में फूल, माला और हवन सामग्री न फेंकें।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति पर गुड़-चूड़ा, तिलवा, तिल, लाई आदि की दूकानें सज चुकी हैं। वहीं इनकी खरीदारों के लिए लोग भी पहुंचने लगे। मंगलवार को लोगों से बाजार पटा रहा।
दूकानदार श्यामू ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल चूड़ा व गुड़ की बिक्री में तेजी आई है। वहीं, दूकानदार राजकुमार सेठ ने बताया कि मोटा चूड़ा 26 से 28 रुपये किलो, गुड़ 36 से 40 रुपये किलो, लाई 40 से 45 रुपये किलो, तिलकुट 160 रुपये किलो, तिलवा 100 से 120 रुपये किलो, तिल का लड्डू 130 रुपये किलो तथा पतला चूड़ा 50 रुपये किलो बिक रहा है।
बताया कि इस साल महंगाई का असर दिख रहा है। लेकिन आस्था के नाम पर लोग दो किग्रा के बजाय एक किग्रा की खरीददारी कर रहे हैं। नरहीं संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के ज्यादातर लोग 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे।
इसको देखते हुए दही के लिए दूध की कमी मंगलवार से ही दिखने को मिलने लगी। दूध का भाव तो बढ़ा ही, चिउड़ा, गुड़, तिल के लिए दूकानों पर भारी भीड़ रही।
वहीं क्षेत्र के विभिन्न गंगा तटों पर ब्राह्मण अपना मचान ठीक करने में जुटे रहे। मकर संक्रांति पर इलाके के गंगा तट, इच्छा चौबे के पुरा, शाहपुर बभनौली, बड़का खेत, सोहांव, भरौली, गोविंदपुर, उजियार घाट, कोटवां नारायणपुर के गंगा घाटों पर लोग 14 जनवरी को भारी संख्या में गंगा स्नान करेंगे।
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स्नान के मद्देनजर प्रशासन की ओर से मात्र दो सिपाहियों पर सुरक्षा की पूरी कमान होगी। इसके अलावा बचाव के नाम पर घाटों पर न तो कोई नाव की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के लिए एडीआरएफ की टीम की ही तैनाती की गई है। इतना ही डूबने से बचाने के लिए घाटों पर बांस और बल्ली तक नहीं लगाए गए हैं।
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ज्ञात हो कि मकरसंक्रांति पर शिवपुर घाट और सती घाट पर स्नान के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचते हैं। लेकिन उनके जान माल की सुरक्षा के नाम पर प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए मात्र दो सिपाहियों की तैनाती की है।
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जबकि कटान होने के कारण अक्सर ही इन घाटों पर स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। यदि प्रशासन स्नान क्षेत्र में बांस बल्ली लगाकर खतरनाक स्थानों को चिह्नित कर दे तो स्नान के दौरान होने वाले हादसों में कमी लाई जा सकती है।
क्षेत्र के जयप्रकाश तिवारी, अवधेश राय, मुटन राय, सुरेंद्र राम, कौशल तिवारी आदि लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि मकर संक्रांति पर घाटों पर हादसे के दौरान सुरक्षा के लिए नाव, गोताखोर के साथ ही बांस-बल्ली लगवाई जाए। साथ ही लोगों को अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं।
मकर संक्रांति पर होने वाले स्नान के मद्देनजर गंगा समग्र समिति के अध्यक्ष अवध राम के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने सती घाट भुसौला पर साफ-सफाई की। इस दौरान घाट पर पड़े कूडे़ को जलाया गया। साथ ही लोगों से भी अपील की गई कि गंगा नदी में फूल, माला और हवन सामग्री न फेंकें।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति पर गुड़-चूड़ा, तिलवा, तिल, लाई आदि की दूकानें सज चुकी हैं। वहीं इनकी खरीदारों के लिए लोग भी पहुंचने लगे। मंगलवार को लोगों से बाजार पटा रहा।
दूकानदार श्यामू ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल चूड़ा व गुड़ की बिक्री में तेजी आई है। वहीं, दूकानदार राजकुमार सेठ ने बताया कि मोटा चूड़ा 26 से 28 रुपये किलो, गुड़ 36 से 40 रुपये किलो, लाई 40 से 45 रुपये किलो, तिलकुट 160 रुपये किलो, तिलवा 100 से 120 रुपये किलो, तिल का लड्डू 130 रुपये किलो तथा पतला चूड़ा 50 रुपये किलो बिक रहा है।
बताया कि इस साल महंगाई का असर दिख रहा है। लेकिन आस्था के नाम पर लोग दो किग्रा के बजाय एक किग्रा की खरीददारी कर रहे हैं। नरहीं संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के ज्यादातर लोग 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे।
इसको देखते हुए दही के लिए दूध की कमी मंगलवार से ही दिखने को मिलने लगी। दूध का भाव तो बढ़ा ही, चिउड़ा, गुड़, तिल के लिए दूकानों पर भारी भीड़ रही।
वहीं क्षेत्र के विभिन्न गंगा तटों पर ब्राह्मण अपना मचान ठीक करने में जुटे रहे। मकर संक्रांति पर इलाके के गंगा तट, इच्छा चौबे के पुरा, शाहपुर बभनौली, बड़का खेत, सोहांव, भरौली, गोविंदपुर, उजियार घाट, कोटवां नारायणपुर के गंगा घाटों पर लोग 14 जनवरी को भारी संख्या में गंगा स्नान करेंगे।