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सदमे से दो किसानों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 24 Apr 2015 11:50 PM IST
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ओलावृष्टि तथा बारिश से फसल बर्बाद होने के सदमे में शुक्रवार को दो और किसानों की मौत हो गई। एक किसान शहर कोतवाली के उदयपुरा और दूसरा बैरिया तहसील के सोनबरसा का निवासी था।
शहर कोतवाली के उदयपुरा निवासी जितेंद्र ठाकुर (22) ने बटाई पर लेकर पांच बीघे खेत में गेहूं की बुआई की थी। बारिश एवं ओलावृष्टि से उसकी सारी फसल बर्बाद हो गई।
इसी के सदमे में वह बीमार रहने लगा। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से उसे वाराणसी के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। बैरिया तहसील के सोनबरसा निवासी शंकर यादव (60) फसल बर्बाद होने से चिंतित रहते थे।
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उन्होंने कर्ज लेकर खेत लगान पर लिया था। ओलावृष्टि और बारिश से उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार की रात गेहूं की मड़ाई हुई तो चार बीघे खेत में मात्र साढ़े तीन क्विंटल गेहूं निकला।
शुक्रवार की सुबह वह खलिहान गए और काफी देर तक गेहूं को देखते रहे। फिर घर आए और रोने लगे। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी तो घर वाले उनको सीएचसी सोनबरसा ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह ने सोनबरसा के लेखपाल अशोक वर्मा तथा इब्राहिमाबाद के लेखपाल अविनाश सिंह से किसान की माली हालत और खेत की रिपोर्ट तलब की है।
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शहर कोतवाली के उदयपुरा निवासी जितेंद्र ठाकुर (22) ने बटाई पर लेकर पांच बीघे खेत में गेहूं की बुआई की थी। बारिश एवं ओलावृष्टि से उसकी सारी फसल बर्बाद हो गई।
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इसी के सदमे में वह बीमार रहने लगा। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से उसे वाराणसी के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। बैरिया तहसील के सोनबरसा निवासी शंकर यादव (60) फसल बर्बाद होने से चिंतित रहते थे।
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उन्होंने कर्ज लेकर खेत लगान पर लिया था। ओलावृष्टि और बारिश से उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार की रात गेहूं की मड़ाई हुई तो चार बीघे खेत में मात्र साढ़े तीन क्विंटल गेहूं निकला।
शुक्रवार की सुबह वह खलिहान गए और काफी देर तक गेहूं को देखते रहे। फिर घर आए और रोने लगे। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी तो घर वाले उनको सीएचसी सोनबरसा ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह ने सोनबरसा के लेखपाल अशोक वर्मा तथा इब्राहिमाबाद के लेखपाल अविनाश सिंह से किसान की माली हालत और खेत की रिपोर्ट तलब की है।