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लिपिक की बहाली के लिए धरने पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो बलिया।
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:03 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ की जिला इकाई ने गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस दौरान संगठन के निलंबित जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर उपाध्याय के बहाली की मांग की गई। साथ ही राष्ट्रीय इंटर कालेज बैरिया की प्रबंध समिति को बर्खास्त करने और प्रबंध समिति के आर्थिक प्रशासनिक अनियमितताओं की सीबीआई से कराने की मांग की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने कहा कि निरंकुश प्रबंधक समितियों को नियमों के दायरे में रखने के लिए इंटरमीडिएट एक्ट में कई संशोधन किए गए।
एक लंबी लड़ाई के बाद शिक्षकों की भांति शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए 60 दिन का निलंबन अवधि निर्धारित की गई। इसके अंतर्गत जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अनुमोदन दिया जाना चाहिए।
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यदि अनुमोदन नहीं होता है, तो निलंबन स्वत: समाप्त हो जाता है। कहा कि श्री उपाध्याय का निलंबन अनुमोदित भी नहीं हुआ था। इसी बीच प्रबंधक द्वारा उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
यह अपने आप में एक्ट के प्रावधानों के साथ खुला मजाक है। ऐसी दशा में इस प्रकार की प्रबंध समिति जो नियमों का पालन न करे, उसे विद्यालय संचालन का अधिकार नहीं रह जाता है।
माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायणगुट) के जनपदीय अध्यक्ष रमाशंकर सिंह, जिला मंत्री अश्वनी कुमार तिवारी, ओम प्रकाश सिंह, कोषाध्यक्ष जयंत सिंह ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उपाध्याय का निलंबन नियम विरुद्ध है। इसके विरुद्ध चलाए जाने वाले आंदोलन को शिक्षक संगठन समर्थन देगा।
धरने का समर्थन करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेयगुट) के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद तिवारी, प्रधानाचार्य देव कुमार ने कहा कि निलंबन पूरी तरह से अन्याय है।
धरने को संबोधित करने वालों में शिक्षणेत्तर संघ के जिला मंत्री संजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रामदुलार राय, पुनीत श्रीवास्तव, रामजी सिंह, हेमंत कुमार सिंह, मोहन सिंह, अरूण कुमार सिंह, दयानंद तिवारी आदि रहे। धरना सभा की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष मुजतबा हुसैन एवं संचालन प्रांतीय मंत्री लल्लन सिंह ने किया।
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इस दौरान संगठन के निलंबित जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर उपाध्याय के बहाली की मांग की गई। साथ ही राष्ट्रीय इंटर कालेज बैरिया की प्रबंध समिति को बर्खास्त करने और प्रबंध समिति के आर्थिक प्रशासनिक अनियमितताओं की सीबीआई से कराने की मांग की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने कहा कि निरंकुश प्रबंधक समितियों को नियमों के दायरे में रखने के लिए इंटरमीडिएट एक्ट में कई संशोधन किए गए।
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एक लंबी लड़ाई के बाद शिक्षकों की भांति शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए 60 दिन का निलंबन अवधि निर्धारित की गई। इसके अंतर्गत जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अनुमोदन दिया जाना चाहिए।
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यदि अनुमोदन नहीं होता है, तो निलंबन स्वत: समाप्त हो जाता है। कहा कि श्री उपाध्याय का निलंबन अनुमोदित भी नहीं हुआ था। इसी बीच प्रबंधक द्वारा उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
यह अपने आप में एक्ट के प्रावधानों के साथ खुला मजाक है। ऐसी दशा में इस प्रकार की प्रबंध समिति जो नियमों का पालन न करे, उसे विद्यालय संचालन का अधिकार नहीं रह जाता है।
माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायणगुट) के जनपदीय अध्यक्ष रमाशंकर सिंह, जिला मंत्री अश्वनी कुमार तिवारी, ओम प्रकाश सिंह, कोषाध्यक्ष जयंत सिंह ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उपाध्याय का निलंबन नियम विरुद्ध है। इसके विरुद्ध चलाए जाने वाले आंदोलन को शिक्षक संगठन समर्थन देगा।
धरने का समर्थन करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेयगुट) के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद तिवारी, प्रधानाचार्य देव कुमार ने कहा कि निलंबन पूरी तरह से अन्याय है।
धरने को संबोधित करने वालों में शिक्षणेत्तर संघ के जिला मंत्री संजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रामदुलार राय, पुनीत श्रीवास्तव, रामजी सिंह, हेमंत कुमार सिंह, मोहन सिंह, अरूण कुमार सिंह, दयानंद तिवारी आदि रहे। धरना सभा की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष मुजतबा हुसैन एवं संचालन प्रांतीय मंत्री लल्लन सिंह ने किया।