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गोंड जाति के नाम पर बने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र किए जाएंगे रद, सैकड़ो लोगों की नौकरी पर लटक सकती है तलवार

Fri, 18 Sep 2020 04:51 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: विचित्र सिंह Updated Fri, 18 Sep 2020 04:51 PM IST
सार

  • शासन का निर्देश मिलने के बाद डीएम ने सभी एसडीएम को प्रमाण पत्रों की जांच कराने का दिया है निर्देश

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Scheduled caste certificates made in the name of Gond caste will be canceled, swords may hang on the jobs of hundreds
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

बलिया जिले में गोंड जाति के नाम पर बने सभी जाति प्रमाण पत्रों को रद किया जाएगा। इस आशय का निर्देश शासन से मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को उनके यहां से बने ऐसे प्रमाण पत्रों की जांच कराने का निर्देश दिया है। पत्र के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कहार, कुम्हार एवं भुर्जी जाति के व्यक्तियों द्वारा गोंड व खरवार अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिया गया है।

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इन सभी की जांच होगी और रद किया जाएगा। गौरतलब हो कि ऐसे ही मामले में शासन की ओर से संतकबीरनगर में तैनात एसडीएम श्याम बाबू की नियुक्ति रद कर दी गई है। हालांकि वे हाई कोर्ट में चले गए हैं और मामला वहां चल रहा है। जिलाधिकारी ने यह आदेश प्रदेश सरकार के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौहान के निर्देश के बाद दिया है। उन्होंने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि जनशिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्णय लिया है। 

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इसके अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित कहार, कुम्हार एवं भुर्जी जाति के कई लोगों ने अपने को गोंड व खरवार बताकर अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करवा लिया है। प्रमाण पत्र के आधार पर ये लोग अनुसूचित जाति का लाभ ले रहे हैं। ऐसे प्रमाण पत्रों की जांच कराकर जाति प्रमाण पत्र रद किया जाय। इसके साथ ही ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी की ओर से बैरिया उपजिलाधिकारी को भेजे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ऐसे जितने भी प्रमाण पत्र बने हैं उनकी जांच कराई जाए और यदि गलत बना है तो उसे रद किया जाए।

बता दें कि पिछले माह इब्राहिमाबाद निवासी श्यामबाबू का जाति प्रमाण पत्र फर्जी बताकर उन्हें एसडीएम के पद से हटा दिया गया है। हालांकि मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अब गोंड व खरवार जाति के सभी प्रमाण पत्रों की जांच होगी। जांच के बाद प्रमाण पत्र रद होंगे तो सैकड़ों युवकों की नौकरी पर तलवार लटक सकती है।
 

शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने गोंड व खरवार जाति के प्रमाण पत्रों की जांच कराने का आदेश दिया है। अगर कुम्हार, कहार व भुर्जी जाति के लोगों द्वारा गोंड व खरवार जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करवाया गया होगा तो जाति प्रमाण पत्र रद करने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुरेश कुमार पाल, उप जिलाधिकारी, बैरिया।

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