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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ाव पर, गंगा स्थिर
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बलिया। कुछ दिनों की वृद्धि के बाद गंगा का जलस्तर को स्थिर हो गया, लेकिन सरयू नदी का जलस्तर बढ़ना जारी है। तटवर्ती इलाके में लोगों की नींद उड़ी हुई है। खतरा निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी के कारण तटवर्ती इलाके में किसानों की फसलें डूबने लगी है। जलस्तर में बढ़ाव का सिलसिला जारी रहने से बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। तटवर्ती वाशिंदों में खलबली मच गई है। चंदायर बलीपुर ग्राम का महरोडीह मौजा नदी के पानी से जलमग्न हो गया है।
तुर्तीपार रेग्युलेटर के चार बड़े फाटक और दस छोटे फाटक खुले हुए है। वहीं, हल्दीरामपुर का फाटक बंद है। इससे कोइली मुहान ताल के पानी से दर्जनों गांवों की फसल डूब कर बर्बाद हो गई है। ताल और खेतों में जमा पानी नदी की ओर नहीं जा पा रहा है। अब तक किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के चारे तथा रखरखाव को लेकर पशुपालक परेशान हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को अपराह्न जलस्तर 64.79 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 है। इस प्रकार नदी लाल निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।आयोग ने अगले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का पूर्वानुमान किया है। ताल में पानी बढ़ने की वजह से तुर्तीपार से मुबारकपुर तक ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ सकता है। हाहानाला, टंगुनिया राजभर बस्ती,चैनपुर, गुलौरा, हल्दीरामपुर, मठिया, महुआतर, खैराखास, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना, साहियां, बेल्थरा बाजार, महरोडीह आदि नदी के किनारे बसे लोगों का कहना है कि नदी के कुछ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रहा है।
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नदी की तेज धारा से टकराकर किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही है। चंदायर बलीपुर ग्राम का महरोडीह मौजा नदी के पानी से जलमग्न हो गया है। दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। प्रधान प्रतिनिधि व भाजपा नेता लालबहादुर भारती ने स्वयं नाव उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को दिया है। आरोप है कि अधिकारियों से सहयोग मांगने पर सीधे इनकार कर दिया जा रहा है।
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तुर्तीपार रेग्युलेटर के चार बड़े फाटक और दस छोटे फाटक खुले हुए है। वहीं, हल्दीरामपुर का फाटक बंद है। इससे कोइली मुहान ताल के पानी से दर्जनों गांवों की फसल डूब कर बर्बाद हो गई है। ताल और खेतों में जमा पानी नदी की ओर नहीं जा पा रहा है। अब तक किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के चारे तथा रखरखाव को लेकर पशुपालक परेशान हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को अपराह्न जलस्तर 64.79 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 है। इस प्रकार नदी लाल निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।आयोग ने अगले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का पूर्वानुमान किया है। ताल में पानी बढ़ने की वजह से तुर्तीपार से मुबारकपुर तक ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ सकता है। हाहानाला, टंगुनिया राजभर बस्ती,चैनपुर, गुलौरा, हल्दीरामपुर, मठिया, महुआतर, खैराखास, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना, साहियां, बेल्थरा बाजार, महरोडीह आदि नदी के किनारे बसे लोगों का कहना है कि नदी के कुछ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रहा है।
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नदी की तेज धारा से टकराकर किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही है। चंदायर बलीपुर ग्राम का महरोडीह मौजा नदी के पानी से जलमग्न हो गया है। दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। प्रधान प्रतिनिधि व भाजपा नेता लालबहादुर भारती ने स्वयं नाव उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को दिया है। आरोप है कि अधिकारियों से सहयोग मांगने पर सीधे इनकार कर दिया जा रहा है।