संस्कार भारती के महामंत्री का निधन: बलिया में अंतिम दर्शन के लिए दिग्गजों का जमावड़ा, श्रद्धांजलि देते समय फफक उठीं मालिनी अवस्थी
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री रहे अमीरचंद का शनिवार शाम अरुणाचल प्रदेश में निधन हो गया था। रविवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बलिया के हनुमानगंज पहुंचा। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और मालिनी अवस्थी समेत कई दिग्गज गांव में पहुंचे।
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संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री रहे स्व. अमीरचंद के अंतिम दर्शन को सोमवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनके अंतिम दर्शन को सोमवार को दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। आरएसएस और उसके अनुसांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही कला जगत भी उनके निधन पर स्तब्ध दिखा। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सोमवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए शिवरामपुर घाट लेने जाने के लिए पार्थिव शरीर निकला तो शहर में भी जाम की स्थिति बनी रही।
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री रहे अमीरचंद का शनिवार शाम अरुणाचल प्रदेश में निधन हो गया था। बलिया के हनुमानगंज में जन्मे अमीरचंद 1981 में संघ के स्वयंसेवक बने। 1985 में आजमगढ़ में संघ के तहसील प्रचारक बने। 1987 में संस्कार भारती में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली। संस्कार भारती के विभिन्न दायित्वों पर रहते हुए वर्तमान में अखिल भारतीय महामंत्री की जिम्मेदारी का निर्वहन किया। रविवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव हनुमानगंज पहुंचा।
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सोमवार को उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातः 8:30 बजे आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, क्षेत्र प्रचारक अनिल उनके आवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। अमीरचंद के निधन का दुख उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था।
मशहूर कलाकार पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने भी अमीरचंद के घर पहुंच पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देते समय वह फफक कर रो पड़ीं। मालिनी की आंखें भर जाने के बाद वहां का पूरा माहौल गमगीन हो गया। उन्होंने कहा कि वो संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री होने के नाते भारतीय कला के विकास के लिए कलाकारों और लोकविधा के संगठनों का संयोजन एवं मार्गदर्शन करते थे। आज हमने लोक कला एवं भररतीय संस्कृति के मूर्धन्य व्यक्तित्व को खो दिया।
संस्कार भारती के संगठन मंत्री अभिजीत गोखले ने निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि वह एक तपस्वी का जीवन व्यतीत करते थे। लोक कला व कलाकारों की हमेशा चिंता किया करते थे। साथ में प्रान्त प्रचारक सुभाष, सह प्रान्त प्रचारक अजय, सह प्रान्त कार्यवाह विनय आदि ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार शिवरामपुर घाट पर किया गया। मुखाग्नि उनके बड़े भतीजे रितेश ने दिया।