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Ballia News: डायलिसिस के लिए मिला पांच बेड का ऑफर, सीएमओ नहीं माने
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बलिया। जिला अस्पताल में 16 बेड पर 108 मरीजों की डायलिसिस होती है। 48 से ऊपर मरीज बेड के अभाव में वेटिंग पर हैं। किसी मरीज की मौत होने पर ही वेटिंग के मरीज को डायलिसिस कराने के लिए बेड मिलता है।
ऐसे में समाजसेवी एवं एडीआरएम मुरादाबाद निर्भय नारायण सिंह ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए 5 से 10 डायलिसिस मशीन देने का अनुरोध सीएमओ से किया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से स्वीकृति लेने की बात कर उन्हें टरका दिया। लगभग 15 दिन पहले एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह ने सीएमओ को फोन कर किडनी के मरीजों की सुविधा के लिए 5 से 10 डायलिसिस मशीन और बेड निशुल्क देने का अनुरोध किया था।
निर्भय नारायण सिंह के अनुसार सीएमओ ने उनसे मशीनों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। इस पर उन्होंने कहा था कि मशीन देने वाली कंपनी तीन साल तक मरम्मत का जिम्मा उठाएगी। उसके आगे कोई व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद भी सीएमओ ने प्रदेश मुख्यालय से स्वीकृति लेने की बात कर उन्हें टाल दिया। निर्भय नारायण सिंह के अनुसार उन्होंने जिले के आलाधिकारियों को भी इस बारे में संदेश ोभेजा है।
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तीन मशीन पर दो स्वास्थ्यकर्मी होते हैं तैनात
तीन डायलिसिस मशीन पर एक स्टॉफ नर्स, एक टेक्नीशियन की जरूरत होती है। तीन शिफ्ट में मशीन चलती है। इसके लिए तीन -तीन स्वास्थ्यकर्मी चाहिए। अस्पताल में पहले से पद के सापेक्ष आधे स्वास्थ्यकर्मी कम हैं। वार्ड में एक नर्स पर 30 की जगह 40 से 50 मरीज की निगरानी की जिम्मेदारी है। जिला अस्पताल में वर्ष 2016 में हेरिटेज हास्पिटल वाराणसी की ओर से पीपीपी मॉडल पर हीमो डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हुई थी। पहले छह बेड पर शुरू किया था। आज बेड की संख्या 16 पहुंच गई है। इसके बाद भी वेटिंग है।
हालांकि इस बाबत सीएमओ डॉ. संजीव वर्मान का कहना है कि डायलिसिस मशीन देने की जानकारी हमें नहीं है। हमसे किसी ने इस बारे में संपर्क नहीं किया है।
ये काफी अच्छा प्रपोजल है। मरीजों को इससे काफी सुविधा मिलेगी। मैं सीएमओ को निर्देशित करता हूं कि इसके लिए वह पहल करें। जिन्होंने ये प्रपोजल दिया है उनका स्वागत है। - एमपी सिंह, डीएम
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ऐसे में समाजसेवी एवं एडीआरएम मुरादाबाद निर्भय नारायण सिंह ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए 5 से 10 डायलिसिस मशीन देने का अनुरोध सीएमओ से किया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से स्वीकृति लेने की बात कर उन्हें टरका दिया। लगभग 15 दिन पहले एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह ने सीएमओ को फोन कर किडनी के मरीजों की सुविधा के लिए 5 से 10 डायलिसिस मशीन और बेड निशुल्क देने का अनुरोध किया था।
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निर्भय नारायण सिंह के अनुसार सीएमओ ने उनसे मशीनों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। इस पर उन्होंने कहा था कि मशीन देने वाली कंपनी तीन साल तक मरम्मत का जिम्मा उठाएगी। उसके आगे कोई व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद भी सीएमओ ने प्रदेश मुख्यालय से स्वीकृति लेने की बात कर उन्हें टाल दिया। निर्भय नारायण सिंह के अनुसार उन्होंने जिले के आलाधिकारियों को भी इस बारे में संदेश ोभेजा है।
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तीन मशीन पर दो स्वास्थ्यकर्मी होते हैं तैनात
तीन डायलिसिस मशीन पर एक स्टॉफ नर्स, एक टेक्नीशियन की जरूरत होती है। तीन शिफ्ट में मशीन चलती है। इसके लिए तीन -तीन स्वास्थ्यकर्मी चाहिए। अस्पताल में पहले से पद के सापेक्ष आधे स्वास्थ्यकर्मी कम हैं। वार्ड में एक नर्स पर 30 की जगह 40 से 50 मरीज की निगरानी की जिम्मेदारी है। जिला अस्पताल में वर्ष 2016 में हेरिटेज हास्पिटल वाराणसी की ओर से पीपीपी मॉडल पर हीमो डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हुई थी। पहले छह बेड पर शुरू किया था। आज बेड की संख्या 16 पहुंच गई है। इसके बाद भी वेटिंग है।
हालांकि इस बाबत सीएमओ डॉ. संजीव वर्मान का कहना है कि डायलिसिस मशीन देने की जानकारी हमें नहीं है। हमसे किसी ने इस बारे में संपर्क नहीं किया है।
ये काफी अच्छा प्रपोजल है। मरीजों को इससे काफी सुविधा मिलेगी। मैं सीएमओ को निर्देशित करता हूं कि इसके लिए वह पहल करें। जिन्होंने ये प्रपोजल दिया है उनका स्वागत है। - एमपी सिंह, डीएम