{"_id":"69b3128890778fdbee077d3e","slug":"ramgarh-balihar-road-became-a-dirty-drain-ballia-news-c-190-1-bal1001-159406-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: रामगढ़-बलिहार मार्ग बना गंदा नाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: रामगढ़-बलिहार मार्ग बना गंदा नाला
विज्ञापन
रामगढ़-बलिहार मार्ग पर बह रहा नाबदान का पानी।संवाद
मझौवां । एनएच-31 से जुड़े रामगढ़-बलिहार संपर्क मार्ग की स्थिति इन दिनों किसी तालाब जैसी हो गई है। सड़क पर नाले का गंदा और बदबूदार पानी बहने के कारण इस मुख्य मार्ग पर कीचड़ पर जमा हो गया है। स्थिति इतनी विकट है कि दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं।
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि रामगढ़ स्थित बाबा भीमेश्वर नाथ मंदिर के पास लगभग पांच वर्ष पहले ग्राम पंचायत गंगापुर द्वारा नाली का निर्माण कराया गया था।
निर्माण के बाद से आज तक गंगापुर या बलिहार ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई नहीं कराई। पिछले छह महीनों से नाले का पानी सड़क पर है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। पिंटू पाण्डेय और पुतुल चौबे ने आक्रोश जताते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी को जनता की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही।
विज्ञापन
यह मार्ग करीब एक दर्जन गांवों की 30 हजार की आबादी के लिए लाइफलाइन है।
जिला मुख्यालय, अस्पताल और बाजार जाने के लिए लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाले की सफाई कराकर जल निकासी सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि रामगढ़ स्थित बाबा भीमेश्वर नाथ मंदिर के पास लगभग पांच वर्ष पहले ग्राम पंचायत गंगापुर द्वारा नाली का निर्माण कराया गया था।
विज्ञापन
निर्माण के बाद से आज तक गंगापुर या बलिहार ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई नहीं कराई। पिछले छह महीनों से नाले का पानी सड़क पर है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। पिंटू पाण्डेय और पुतुल चौबे ने आक्रोश जताते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी को जनता की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही।
विज्ञापन
यह मार्ग करीब एक दर्जन गांवों की 30 हजार की आबादी के लिए लाइफलाइन है।
जिला मुख्यालय, अस्पताल और बाजार जाने के लिए लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाले की सफाई कराकर जल निकासी सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।