बारिश ने बदहाल की सड़कें: कहीं कीचड़ तो कहीं एक फीट तक पानी, जलनिकासी की मांग; आंदोलन की चेतावनी
जिले में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कई सड़कों पर तो एक फीट तक पानी ठहरा है। बारिश के बाद सड़कों पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और खराब हो गई है। मुख्य मार्गों के साथ ही मोहल्लों और गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर भी कीचड़ जमा है। पैदल चलने वालों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक भी फिसलन के कारण जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं।
बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कुंडैल गांव से मुबारकपुर गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क पीडब्ल्यूडी ने लगभग तीन साल पहले बनाई थी। सूर्यनाथ यादव के घर के पास 25 मीटर सीसी रोड पर बारिश का पानी ठहरा हुआ है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
समाजसेवी शाहिद समाजवाद ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की। उन्होंने सड़क की मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। पीडब्ल्यूडी के जेई मनीराम ने बताया कि अक्तूबर माह तक सड़क की मरम्मत कराकर उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
सिकंदरपुर मुख्य मार्ग से करनई जाने वाला संपर्क मार्ग पर बारिश का भरने जलमग्न हो गया है। इससे राहगीरों और छात्र-छात्राओं को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। मार्ग पर एक महाविद्यालय सहित कई विद्यालय हैं, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने में दिक्कत आ रही है।
कई स्थानों पर सड़क और पानी का अंतर स्पष्ट नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे बारिश के बाद स्थिति गंभीर हो जाती है। क्षेत्रीय नागरिक डा. श्याम नन्दन मिश्र ने उच्चाधिकारियों से मार्ग के शीघ्र निर्माण और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है।
नवरतनपुर-सिसोटार मार्ग पर जलभराव और मलबा
नवरतनपुर-सिसोटार रिंगबंधा मार्ग की बदहाली से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लीलकर गांव के पास सड़क पर पानी भरने से यह तालाब में बदल गई है। लगभग 20 दिनों से सड़क पर ईंट और मलबा पड़ा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क लंबे समय से जर्जर है और उसमें जगह-जगह गड्ढे हैं।
बारिश में गड्ढों में पानी भरने से उनका अंतर पता नहीं चलता। इससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वाहन चालकों को किनारे से गुजरना पड़ रहा है, जिससे पैदल राहगीरों को भी दिक्कत है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से पानी निकालने, मलबा हटाने और मार्ग की मरम्मत की मांग की है।
सुल्तानपुर में 300 मीटर सड़क पर कीचड़, ग्रामीण परेशान
विकास खंड बेलहरी की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में 300 मीटर लंबी सड़क बदहाल है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के दक्षिण में स्थित है। बारिश और बाढ़ के पानी से पूरा रास्ता कीचड़ में बदल गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को प्रतिदिन परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने कई बार मिट्टी डालकर रास्ता ठीक करने का प्रयास किया। लेकिन बारिश का पानी मिट्टी को बहा ले जाता है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और अधिकारियों को समस्या बताई, पर स्थायी समाधान नहीं हुआ। दिलशाद खान सहित कई ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग की है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संपूर्णानंद ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़क दुरुस्त की जाएगी।
मानपुर-चितबड़ागांव संपर्क मार्ग पर जलभराव से राहगीर परेशान
चितबड़ागांव के मानपुर को चितबड़ागांव से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग इन दिनों जलभराव से बेहाल है। बारिश के बाद सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। गड्ढे पानी में डूबने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पैदल चलने में कठिनाई और गिरने की समस्या बताई।
मदन मोहन सिंह ने कहा कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से यह हर साल की समस्या है। अमरजीत यादव ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर तीन बार शिकायत की है। उनका आरोप है कि पीडब्ल्यूडी धन के अभाव का हवाला देकर समाधान नहीं करता। ग्राम विकास अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से तत्काल पानी हटवाने और स्थायी समाधान की मांग की है।
सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। बारिश के बाद सड़कों के मरम्मत की जाएगी। बारिश के कारण कुछ सड़कों की पिचिंग का काम रुका हुआ है। - केसरी प्रकाश, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।