{"_id":"60a6843b8ebc3ef5684dfd90","slug":"rain-in-ballia-ballia-news-vns5904659152","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताउते के प्रभाव से झूम कर बरसे बदरा, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताउते के प्रभाव से झूम कर बरसे बदरा, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
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बलिया। अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ताउते का असर वैसे तो बीते सोमवार से ही जिले में दिखाई दे रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को इसके प्रभाव के कारण बादल झूमकर बरसे। जनपद में बृहस्पतिवार की सुबह से शुरू हुई झमाझम बरसात रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा और लोग घरों में दुबके रहे। हालांकि दोपहर एक बजे के करीब बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। चक्रवाती तूफान के कारण हुई बारिश से एक ओर सब्जी की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिले हैं। वहीं, मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन की फजीहत रही। इतना ही नहीं, बेमौसम बरसात से नगर की सड़कों पर लगे पानी से एक कदम भी चलना मुश्किल रहा। सुबह हुई लगातार बारिश से सरकारी दफ्तरों में लोगों की उपस्थिति न के बराबर रही।
सुबह लोगों की नींद खुली तो आसमान में काले बादल जमा थे। दिन में उजाला दिखने की जगह अंधेरा छाने लगा। धीमी बरसात शुरू हो गई। कुछ ही पल बाद तेज बरसात होने लगी। करीब तीन घंटे तक अनवरत बारिश से खेतों और गड्ढों में पानी भर गया। नगर की हालत सबसे खराब हो गई। एससी कालेज चौराहा से मालगोदाम तक पानी ही पानी भर गया। काजीपुरा, मिड्ढी, रोडवेज, स्टेशन रोड, आर्य समाज रोड आदि भी लबालब हो गए। टूटी सड़कों पर जलजमाव से दो पहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो गए। नालियों में कीचड़ भरे होने के कारण सड़कों पर भी कीचड़ और पानी भर गया था। काजीपुरा, मिड्ढी, बेदुआं और राजपूत नेवरी इलाकों के घरों में पानी घुस गया। इस दौरान नगरपालिका परिषद पूरी तरह से असहाय नजर आई।
बरसात ने ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी योग्य माहौल बना दिया है पर नगर की स्थिति बिगाड़ कर रख दी है। कई मोहल्लों में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। एनसीसी तिराहा से कोतवाली और जेल की तरफ आने वाली सड़कों की स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि उनसे होकर गुजरना राहगीरों के लिए मुश्किल रहा। एनसीसी तिराहा से जिला कारागार होकर जाने वाली सड़क के किनारे बनी नाली का पानी ओवरफ्लो कर सड़क पर आ गया। इससे सीएसडी कैंटीन सहित कांशीराम शहरी आवास योजना के निवासियों की दशा भी दयनीय हो गई है। तीमपुर जाने वाली सड़क पर छाया टाकीज के सामने से आगे की स्थिति गंभीर है। यही हाल, चित्रगुप्त मंदिर से नया चौक जाने वाले मार्ग की भी है। यहां भी रास्ता चलना दूभर रहा। प्रोफेसर नगर कालोनी, सिविल लाइन, आनंद नगर आदि इलाकों में भी स्थिति नारकीय हो गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहित जिला अस्पताल के आवासीय इलाकों में जलजमाव से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा प्रबल हो गया है। बरसात के बाद गुदरी बाजार की स्थिति दयनीय हो गई है। तेज और अनवरत बारिश से सबसे खराब हालत कलेक्ट्रेट और सदर कोतवाली की रही। इस दोनों जगहों पर पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी जमा हो गया। इससे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पानी लगा रहा और आने-जाने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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बैरिया इलाके में बुधवार की रात से ही झमाझम हो रही बारिश के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रानीगंज, बैरिया बाजार में जलजमाव से परेशानी हुई। वहीं बुधवार की रात से ही क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बरसात से तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
बांसडीहरोड क्षेत्र में बुधवार की रात में शुरू बूंदाबांदी बृहस्पतिवार को बारिश में बदल गई। हालांकि दोपहर बाद बारिश बंद हो गई। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा। किसानों ने बताया कि बूंदाबांदी से किसानों को कोई नुकसान नहीं है।
खेजुरी क्षेत्र में बुधवार की रात से ही कभी रिमझिम और कभी जोर से हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं, खेतों में भरे पानी को देखकर किसानों की बांछें खिल गई है। हनुमानगंज इलाके में विभिन्न जगहों पर जल निकासी ना होने से रास्ते पर पानी का ठहराव हो गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। यही नहीं, चक्रवाती बारिश के कारण पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
बेल्थरारोड में बुधवार की रात से ही हो रही वर्षा से किसान खुश हैं। वहीं, नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बिगड़ गई है। कई स्थानों पर वर्षा के पानी से जलभराव हो गया। इससे राहगीरों को फजीहत उठानी पड़ी। मालगोदाम रोड के आगे आंबेडकर प्रतिमा के बीच सड़क पर जलजमाव हो गया। मधुबन मार्ग और उसके आसपास पानी जमा होने से आवागमन दूभर हो गया।
बारिश के कारण बाजारों में रहा सन्नाटा
नगरा। क्षेत्र में दो दिनों से जारी चक्रवाती बारिश के कारण बृहस्पतिवार को बाजार एवं चट्टी चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, दो दिन से हो रही बारिश से बाजार के जनता इंटर कालेज के सामने मुख्य मार्ग पर और नगर पंचायत द्वारा नाली निर्माण के लिए थाने के सामने खोदी गई मिट्टी सड़क पर रखने के वजह से हुए जलजमाव से राहगीरों एवं बाजारवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। थाने के सामने सड़क पर पड़ी मिट्टी बारिश के चलते सड़क पर फैल गई। इससे कीचड़ हो गया है। बारिश के वजह से कारोबारियों, ठेले खोमचे वालों पर भी आफत आ गई है। लॉकडाउन के कारण खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहे छोटे कारोबारियों एवं ठेले खोमचे वालों को हो रही बारिश ने घर में बैठा दिया है।
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सुबह लोगों की नींद खुली तो आसमान में काले बादल जमा थे। दिन में उजाला दिखने की जगह अंधेरा छाने लगा। धीमी बरसात शुरू हो गई। कुछ ही पल बाद तेज बरसात होने लगी। करीब तीन घंटे तक अनवरत बारिश से खेतों और गड्ढों में पानी भर गया। नगर की हालत सबसे खराब हो गई। एससी कालेज चौराहा से मालगोदाम तक पानी ही पानी भर गया। काजीपुरा, मिड्ढी, रोडवेज, स्टेशन रोड, आर्य समाज रोड आदि भी लबालब हो गए। टूटी सड़कों पर जलजमाव से दो पहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो गए। नालियों में कीचड़ भरे होने के कारण सड़कों पर भी कीचड़ और पानी भर गया था। काजीपुरा, मिड्ढी, बेदुआं और राजपूत नेवरी इलाकों के घरों में पानी घुस गया। इस दौरान नगरपालिका परिषद पूरी तरह से असहाय नजर आई।
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बरसात ने ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी योग्य माहौल बना दिया है पर नगर की स्थिति बिगाड़ कर रख दी है। कई मोहल्लों में जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। एनसीसी तिराहा से कोतवाली और जेल की तरफ आने वाली सड़कों की स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि उनसे होकर गुजरना राहगीरों के लिए मुश्किल रहा। एनसीसी तिराहा से जिला कारागार होकर जाने वाली सड़क के किनारे बनी नाली का पानी ओवरफ्लो कर सड़क पर आ गया। इससे सीएसडी कैंटीन सहित कांशीराम शहरी आवास योजना के निवासियों की दशा भी दयनीय हो गई है। तीमपुर जाने वाली सड़क पर छाया टाकीज के सामने से आगे की स्थिति गंभीर है। यही हाल, चित्रगुप्त मंदिर से नया चौक जाने वाले मार्ग की भी है। यहां भी रास्ता चलना दूभर रहा। प्रोफेसर नगर कालोनी, सिविल लाइन, आनंद नगर आदि इलाकों में भी स्थिति नारकीय हो गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहित जिला अस्पताल के आवासीय इलाकों में जलजमाव से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा प्रबल हो गया है। बरसात के बाद गुदरी बाजार की स्थिति दयनीय हो गई है। तेज और अनवरत बारिश से सबसे खराब हालत कलेक्ट्रेट और सदर कोतवाली की रही। इस दोनों जगहों पर पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी जमा हो गया। इससे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पानी लगा रहा और आने-जाने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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बैरिया इलाके में बुधवार की रात से ही झमाझम हो रही बारिश के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रानीगंज, बैरिया बाजार में जलजमाव से परेशानी हुई। वहीं बुधवार की रात से ही क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बरसात से तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
बांसडीहरोड क्षेत्र में बुधवार की रात में शुरू बूंदाबांदी बृहस्पतिवार को बारिश में बदल गई। हालांकि दोपहर बाद बारिश बंद हो गई। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा। किसानों ने बताया कि बूंदाबांदी से किसानों को कोई नुकसान नहीं है।
खेजुरी क्षेत्र में बुधवार की रात से ही कभी रिमझिम और कभी जोर से हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं, खेतों में भरे पानी को देखकर किसानों की बांछें खिल गई है। हनुमानगंज इलाके में विभिन्न जगहों पर जल निकासी ना होने से रास्ते पर पानी का ठहराव हो गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। यही नहीं, चक्रवाती बारिश के कारण पिछले 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।
बेल्थरारोड में बुधवार की रात से ही हो रही वर्षा से किसान खुश हैं। वहीं, नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बिगड़ गई है। कई स्थानों पर वर्षा के पानी से जलभराव हो गया। इससे राहगीरों को फजीहत उठानी पड़ी। मालगोदाम रोड के आगे आंबेडकर प्रतिमा के बीच सड़क पर जलजमाव हो गया। मधुबन मार्ग और उसके आसपास पानी जमा होने से आवागमन दूभर हो गया।
बारिश के कारण बाजारों में रहा सन्नाटा
नगरा। क्षेत्र में दो दिनों से जारी चक्रवाती बारिश के कारण बृहस्पतिवार को बाजार एवं चट्टी चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, दो दिन से हो रही बारिश से बाजार के जनता इंटर कालेज के सामने मुख्य मार्ग पर और नगर पंचायत द्वारा नाली निर्माण के लिए थाने के सामने खोदी गई मिट्टी सड़क पर रखने के वजह से हुए जलजमाव से राहगीरों एवं बाजारवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। थाने के सामने सड़क पर पड़ी मिट्टी बारिश के चलते सड़क पर फैल गई। इससे कीचड़ हो गया है। बारिश के वजह से कारोबारियों, ठेले खोमचे वालों पर भी आफत आ गई है। लॉकडाउन के कारण खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहे छोटे कारोबारियों एवं ठेले खोमचे वालों को हो रही बारिश ने घर में बैठा दिया है।