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ग्रामीण इलाकों में दम तोड़ने लगी शुद्ध पेयजल व्यवस्था

Fri, 01 Jul 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 11:33 PM IST
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Pure drinking water system started dying in rural areas
जिले के ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की व्यवस्था अब तोड़ने लगी हैं। अधिकांश ग्रामीण इलाकों में पानी टंकियां बंद पड़ी हैं। करीब चार वर्ष पहले ही अधिकांश पेयजल परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों के हवाले किया जा चुका है। इसके चलते जल निगम भी मुंह मोड़े हुए है। वहीं प्रधानों का कहना है कि विभाग की ओर से जैसे-तैसे हस्तांतरित कर दिया गया और पंचायत में इतनी धनराशि नहीं होती कि कार्य कराया जाए।
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15 हजार की आबादी को नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
लालगंज। क्षेत्र के हृदयपुर पंचायत व शिवपुर कपूर दियर पंचायत की 15 हजार आबादी को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए शिवपुर कपूर दियर में बनी पानी टंकी और सोनबरसा पंचायत के लालगंज व आराजी माफी बाल गोविंद उपाध्याय पंचायत के लिए शिवपुर में बनी पानी टंकी वर्षों से बंद पड़ी है। शिवपुर कपूर दियर में बनी पानी टंकी का मोटर जलने के साथ ही पाइप लाइन जर्जर होना इसका वजह बताया जा रहा है, वही शिवपुर में बनी टंकी के पाइप लाइन ध्वस्त होना कारण बताया जा रहा है। आराजी माफी बाल गोविंद उपाध्याय के ग्राम प्रधान विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मेरे चार्ज लेने से पहले ही बिछाए गए सभी पाइप लाइन टूटे फूटे थे जिससे पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है और इसके लिए कोई बजट भी नहीं है। छोटी पंचायत होने के कारण खाते में पैसा भी कम ही आते है इसलिए टंकी बन्द पड़ी है। वही शिवपुर कपूर दियर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बृजेश बिंद ने भी टंकी का मोटर जलने के साथ पाइप लाइन टूटने औऱ कोई इसके लिए अतिरिक्त वजट की ब्यवस्था नहीं होना बता रहे हैं। इस पंचायत के पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि बार बार मोटर जलने व पाइप लाइन खराब होने पर इसे ठीक कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कुछ फंड की मांग की गई थी पर किसी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया।
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आठ माह से बंद पड़ी है पानी टंकी,
रतसर। रतसर कला के नगर पंचायत होने के बाद बीते आठ माह से रतसर कस्बा क्षेत्र में पेयजलापूर्ति ठप है। पेयजलापूर्ति कब से सुचारू होगी यह उपभोक्ताओं के लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ है। एक तरफ जल निगम के अधिशासी अभियंता की मानें तो रतसर कस्बा अब नगर पंचायत है और नगर क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित कराना नपं के जिम्मे है। उनका कहना है कि संबंधित ईओ को बता दिया गया है तो दूसरी तरफ नपं द्वारा जलापूर्ति को लेकर कोई तैयारी नहीं है। दो वर्ष पूर्व कस्बा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद बीते 19 नवंबर से कस्बा में जल निगम की टंकी से जलापूर्ति ठप कर दी गई है जिससे उपभोक्ताओं में रोष है।
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10 माह से तीन गांवों में पेयजल संकट
जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के शिवपुर उर्फ कर्ण छपरा, सुकरौली, कोडरहा उपरवार इन तीनों पंचायतों के करीब पचास हजार की आबादी को आर्सेनिक मुक्त जल उपलब्ध कराने के लिए 2012 में तीनों पंचायतों के मध्य हृदयपुर ग्राम समूह पेयजल योजना 122.24 लाख की लागत स्थापित की गई। लेकिन इन पंचायतों के लोगों को टंकी के पानी की सप्लाई बहुत कम दिन ही हुई। बीते 10 माह से टंकी बंद पड़ी है।
चार वर्ष बाद भी टंकी से आपूर्ति नहीं हुई शुरू
सागरपाली। क्षेत्र के नसीराबाद गांव में तत्कालीन मंत्र के प्रयास से 2014 में पानी टंकी का शिलान्यास हुआ और वर्ष 2018 में बन कर तैयार हो गया। लेकिन आज तक इस पानी टंकी से पेयजल आपूर्ति शुरु नहीं हो सका। ग्राम प्रधान लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि गांव की पानी टंकी को लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायत किया और आश्वासन भी मिला पर आज तक हमारे गांव की पानी टंकी चालू नहीं हो पाई।
कई पानी टंकिया बन गई हैं शोपीस
चौकिया मोड़। क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक पानी टंकी गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए बनी है लेकिन कुछ को छोड़ अधिकतर पानी टंकी बंद पड़ी हैं। क्षेत्र के अवाया गांव में विगत कई वर्षों पहले लाखों रुपये की लागत से बनी पानी टंकी काफी दिनों से बंद पड़ी है। ग्राम प्रधान डॉ मनोज कुमार ने बताया कि पानी टंकी के मोटर में तकनीकी खराबी व ट्रांफार्मर जल जाने के कारण पानी टंकी बन्द पड़ी है। मोटर की तकनीकी खराबी को बहुत जल्द ठीक करा लिया जाएगा लेकिन ट्रांसफॉमर को लेकर थोड़ी दिक्कत है और उसे भी ठीक कराने के लिए प्रयास जारी है।

अधिकांश पानी टंकियां ग्राम पंचायतों को हस्तांरित की जा चुकी हैं। इनको संचालित रखने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की है। चालू हालत में ही पानी टंकियों को हस्तांरित किया गया था।
- अमित कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, ग्रामीण, बलिया
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