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Ballia News: प्राइवेट स्कूलों को मान्यता फीस पर देना होगा 18 प्रतिशत जीएसटी
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इंदरपुर। उत्तर प्रदेश में नया स्कूल खोलना या मान्यता नवीनीकरण कराना अब और महंगा हो गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता , सम्बद्धता प्राप्त करने के लिए स्कूलों को अब 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी भी देना होगा। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एवं सभापति प्रताप सिंह बघेल ने 21 अगस्त 2026 जारी कर समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। केंद्र सरकार वित्त मंत्रालय राजस्व विभाग के पत्र 11 अक्टूबर 2024 के अनुसार शिक्षा संस्थाओं की मान्यता शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी प्रावधानित किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के ऑनलाइन पोर्टल पर 1 अप्रैल 2026 से मान्यता के लिए आवेदन करने वाली सभी संस्थाओं से मान्यता शुल्क के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाएगा। उसके बाद ही मान्यता की संस्तुति होगी। भविष्य में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों के साथ निर्धारित शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। बिना जीएसटी भुगतान के आवेदनों को परिषद कार्यालय अग्रसारित न किया जाए।
प्रबंधकों में नाराजगी, बोले- छोटे स्कूलों पर पड़ेगा बोझ
प्रबंधक, सूर्यनाथ पांडेय ने कहा कि सरकार शिक्षा को व्यवसाय बना रही है। पहले से ही मान्यता शुल्क लाखों में है, अब उस पर प्रतिशत जीएसटी लगाना वित्तविहीन स्कूलों के साथ अन्याय है। छोटे स्कूल बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। सरकार को यह आदेश वापस लेना चाहिए।
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प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह और प्रबंधक इश्तेयाक अहमद ने कहा कि हम पहले से ही आरटीई , मानक पूरा करने में लगे हैं। मान्यता के नाम पर इतनी वसूली और अब जीएसटी। यह निजी स्कूलों को हतोत्साहित करने वाला फैसला है। राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ इसका विरोध करेगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के ऑनलाइन पोर्टल पर 1 अप्रैल 2026 से मान्यता के लिए आवेदन करने वाली सभी संस्थाओं से मान्यता शुल्क के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाएगा। उसके बाद ही मान्यता की संस्तुति होगी। भविष्य में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों के साथ निर्धारित शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। बिना जीएसटी भुगतान के आवेदनों को परिषद कार्यालय अग्रसारित न किया जाए।
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प्रबंधकों में नाराजगी, बोले- छोटे स्कूलों पर पड़ेगा बोझ
प्रबंधक, सूर्यनाथ पांडेय ने कहा कि सरकार शिक्षा को व्यवसाय बना रही है। पहले से ही मान्यता शुल्क लाखों में है, अब उस पर प्रतिशत जीएसटी लगाना वित्तविहीन स्कूलों के साथ अन्याय है। छोटे स्कूल बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। सरकार को यह आदेश वापस लेना चाहिए।
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प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह और प्रबंधक इश्तेयाक अहमद ने कहा कि हम पहले से ही आरटीई , मानक पूरा करने में लगे हैं। मान्यता के नाम पर इतनी वसूली और अब जीएसटी। यह निजी स्कूलों को हतोत्साहित करने वाला फैसला है। राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ इसका विरोध करेगा।