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बलिया कारागारः सड़क की उड़ रही धूल से कैदियों की बढ़ी परेशानी
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 12 Apr 2017 11:31 PM IST
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सड़क की उड़ रही धूल से सांस लेने में होती है दिक्कत
- फोटो : demo jail
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बलिया जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों की इन दिनों परेशानी बढ़ गई है। कारण कि कारागार के बाहर स्थित रोड से उड़ रहे धूल से जिला कारागार का परिसर भर जा रहा है। जिससे निरुद्ध कैदियों व बंदीरक्षियों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। रात 10 बजे के बाद धीरे-धीरे धूल का गुबार छंटने रहा है।
मालूम हो कि जिला कारागार के बाहर स्थित कुंवर सिंह चौराहा-एनसीसी मार्ग को करीब साल भर से गिट्टी व मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, लेकिन उस पर संबंधित ठेकेदार द्वारा अब तक पिचिंग नहीं कराई गई। इससे उस सड़क से धूल उड़ने लगी है
। सबसे बुरा हाल शाम के चार के बजे के करीब होती है, जब नो इंट्री के चलते नगर से बाहर खड़े बड़े वाहनाें को आने-जाने के लिए छोड़ा जाता है। इस दौरान कुंवर सिंह-एनसीसी तिराहा मार्ग से गुजरने वाले ट्रकाें एवं अन्य वाहनों के धूल से पूरा जिला कारागार परिसर धूल से भर जाता है।
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यही नहीं धूल बैरक के अंदर तक प्रवेश कर जाती है, जिससे निरूद्ध बंदियों और बंदीरक्षकाें को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। यह समस्या रात करीब 10 बजे तक बनी रहती है। इसके बाद ही धूल धीरे-धीरे छंटता है। जिसके बाद ही निरुद्ध कैदी व बंदीरक्षक सामान्य रूप से सांस ले पाते हैं।
यह समस्या एक दिन की नहीं है। बल्ेिक प्रतिदिन की है। इस बाबत प्रभारी जेल अधीक्षक/ जेलर एके मिश्रा ने बताया कि सड़क के धूल से पूरा कारागार परिसर भर जाता है, जिससे निरुद्ध बंदियों और बंदीरक्षकों को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है।
इससे निजात के लिए उच्चाधिकारियों को कई पत्रक लिखा गया। लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका। बताया कि सड़क निर्माण के बाद ही धूल-गर्द से निजात मिल पाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की।
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मालूम हो कि जिला कारागार के बाहर स्थित कुंवर सिंह चौराहा-एनसीसी मार्ग को करीब साल भर से गिट्टी व मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, लेकिन उस पर संबंधित ठेकेदार द्वारा अब तक पिचिंग नहीं कराई गई। इससे उस सड़क से धूल उड़ने लगी है
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। सबसे बुरा हाल शाम के चार के बजे के करीब होती है, जब नो इंट्री के चलते नगर से बाहर खड़े बड़े वाहनाें को आने-जाने के लिए छोड़ा जाता है। इस दौरान कुंवर सिंह-एनसीसी तिराहा मार्ग से गुजरने वाले ट्रकाें एवं अन्य वाहनों के धूल से पूरा जिला कारागार परिसर धूल से भर जाता है।
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यही नहीं धूल बैरक के अंदर तक प्रवेश कर जाती है, जिससे निरूद्ध बंदियों और बंदीरक्षकाें को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। यह समस्या रात करीब 10 बजे तक बनी रहती है। इसके बाद ही धूल धीरे-धीरे छंटता है। जिसके बाद ही निरुद्ध कैदी व बंदीरक्षक सामान्य रूप से सांस ले पाते हैं।
यह समस्या एक दिन की नहीं है। बल्ेिक प्रतिदिन की है। इस बाबत प्रभारी जेल अधीक्षक/ जेलर एके मिश्रा ने बताया कि सड़क के धूल से पूरा कारागार परिसर भर जाता है, जिससे निरुद्ध बंदियों और बंदीरक्षकों को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है।
इससे निजात के लिए उच्चाधिकारियों को कई पत्रक लिखा गया। लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका। बताया कि सड़क निर्माण के बाद ही धूल-गर्द से निजात मिल पाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की।