{"_id":"5a24391c4f1c1bb6678bfb21","slug":"power-department-itself","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली विभाग ही कटघरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली विभाग ही कटघरे में
ballia
Updated Sun, 03 Dec 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
बिजलीघर
- फोटो : अमर उजाला
विद्युत विभाग के उपकेंद्र पर चल रहे अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार ने विभाग को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। उसका कहना है कि जहां कब्जा हो रहा है वह जमीन विभाग की नही है। जबकि जिलाधिकारी ने गुरुवार को अवैध कब्जे पर रोक लगाते हुए तसहीलदार से रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन अभी तक डीएम को रिपोर्ट नहीं दी गई। उधर, राजस्व महकमा खतौनी के अनुसार इस सरकारी जमीन को बिजली विभाग की नहीं मान रहा।
उप केंद्र नगरा के सरकारी जमीन पर प्रशासन की उपेक्षा के चलते अवैध कब्जाधारी अपने मंसूबे में सफल हो चुके है। कब्जे की बाबत डीएम समेत अन्य अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया था। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्रीय लोगो का मानना है कि बिजली विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के इशारे पर हुआ है। तभी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। बिजली विभाग के सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दीवाल खड़ी कर तथा गुमटी आदि रखकर के कर लिया गया। क्योंकि बसपा एवं सपा के शासन में इस सरकारी करोड़ो रुपए के भूखंड पर अवैध कब्जा नही हो पाया किंतु सूबे में भाजपा के सत्तासीन होते ही अवैध कब्जा कर लिया गया।
विभाग के अवर अभियंता एवं सहायक अभियंता के सूचना के बावजूद भी प्रशासन ने अवैध कब्जा रोकने की कोई पहल नहीं की। बल्कि तहसीलदार रसड़ा द्वारा डीएम के निर्देश पर मौके पर खुद न आकर उल्टे बिजली विभाग को ही कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। बैनामे का कागज बिजली विभाग के पास मौजूद है। कागज मौजूद होते हुए भी राजस्व महकमा खतौनी के अनुसार इस सरकारी जमीन को बिजली विभाग का नही मान रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप केंद्र नगरा के सरकारी जमीन पर प्रशासन की उपेक्षा के चलते अवैध कब्जाधारी अपने मंसूबे में सफल हो चुके है। कब्जे की बाबत डीएम समेत अन्य अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया था। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्रीय लोगो का मानना है कि बिजली विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के इशारे पर हुआ है। तभी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। बिजली विभाग के सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दीवाल खड़ी कर तथा गुमटी आदि रखकर के कर लिया गया। क्योंकि बसपा एवं सपा के शासन में इस सरकारी करोड़ो रुपए के भूखंड पर अवैध कब्जा नही हो पाया किंतु सूबे में भाजपा के सत्तासीन होते ही अवैध कब्जा कर लिया गया।
विज्ञापन
विभाग के अवर अभियंता एवं सहायक अभियंता के सूचना के बावजूद भी प्रशासन ने अवैध कब्जा रोकने की कोई पहल नहीं की। बल्कि तहसीलदार रसड़ा द्वारा डीएम के निर्देश पर मौके पर खुद न आकर उल्टे बिजली विभाग को ही कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। बैनामे का कागज बिजली विभाग के पास मौजूद है। कागज मौजूद होते हुए भी राजस्व महकमा खतौनी के अनुसार इस सरकारी जमीन को बिजली विभाग का नही मान रहा है।
विज्ञापन