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बिजली कटी, प्रशासन ने केरोसिन देने से खड़े किए हाथ
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बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है। वहीं, प्रशासन ने ग्रामीणों को केरोसिन देने से भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों के लिए अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। बाढ़ पीड़ितों का एनएच-31 से तो संपर्क टूटा ही है, मोबाइल डिस्चार्ज होने से नाते-रिश्तेदारों से भी संपर्क टूट गया है। जिन बाढ़ पीड़ितों ने एनएच-31 पर शरण ली है, उन्हें भी परेशानी हो रही है। कुल चार सचल शौचालयों की व्यवस्था है, जो बाढ़ पीड़ितों के लिए अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत केहरपुर, गोपालपुर, दयाछपरा, जगदेवा, टेंगरही, नौरंगा आदि की लगभग एक लाख की आबादी बाढ़ के कारण प्रभावित है। बाढ़ के पानी में घिरे होने से पीड़ितों को जंगली सुअरों, सर्प, बिच्छी का डर बना हुआ है। ऐसी स्थिति में अंधेरे में रहना भारी पड़ रहा है। कटान पीड़ितों ने विधायक बैरिया सुरेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह से केरोसिन की मांग की तो पीड़ितों से कहा कि पूरे जनपद में केरोसिन नहीं है। सड़कों पर जनरेटर से रोशनी की जाएगी। एनएच-31 पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को भी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पर्याप्त शौचालय, हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है। बाढ़ पीड़ितों में शासन प्रशासन के प्रति जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को इधर एनएच-31 पर शरण लिए 540 बाढ़ पीड़ितों ने तहसीलदार शिवसागर दुबे ने तिरपाल वितरण किया।
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ग्राम पंचायत केहरपुर, गोपालपुर, दयाछपरा, जगदेवा, टेंगरही, नौरंगा आदि की लगभग एक लाख की आबादी बाढ़ के कारण प्रभावित है। बाढ़ के पानी में घिरे होने से पीड़ितों को जंगली सुअरों, सर्प, बिच्छी का डर बना हुआ है। ऐसी स्थिति में अंधेरे में रहना भारी पड़ रहा है। कटान पीड़ितों ने विधायक बैरिया सुरेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह से केरोसिन की मांग की तो पीड़ितों से कहा कि पूरे जनपद में केरोसिन नहीं है। सड़कों पर जनरेटर से रोशनी की जाएगी। एनएच-31 पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को भी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पर्याप्त शौचालय, हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है। बाढ़ पीड़ितों में शासन प्रशासन के प्रति जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को इधर एनएच-31 पर शरण लिए 540 बाढ़ पीड़ितों ने तहसीलदार शिवसागर दुबे ने तिरपाल वितरण किया।
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