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एक पखवाड़े के लिए हड़ताल स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Sun, 21 Feb 2016 11:11 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की जिला इकाई की बैठक रविवार को जिला महिला अस्पताल में आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा एक पखवाड़े के अंदर जायज मांगों को मानने के आश्वासन को संगठन की जीत बताया गया।
इस दौरान संगठन की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने सरकार को चेताया गया कि यदि एक पखवाड़े में सरकार अपने आश्वासन को पूरा नहीं करती तो नौ मार्च से देशभर में कर्मचारी महासंघ हड़ताल को लिए तैयार हैं। जिला मंत्री ब्रजेश सिंह ने कहा कि शासन के मुख्य सचिव के आश्वासन पर प्रदेश नेतृत्व द्वारा सरकार को 15 दिनों की मोहलत दी गई है। यदि सरकार द्वारा 15 दिनों के अंदर कर्मचारियों के जायज मांगों को निर्धारित अवधि के अंदर नहीं मान लिया जाता तो संगठन फिर से पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की उच्चाधिकार समिति के पदाधिकारियों की मुख्य सचिव स्तर के वार्ता के क्रम में आठ सूत्रीय मांगों जैसे कैशलेस चिकित्सा सुविधा, केंद्र के सामान भत्ते की व्यवस्था, फील्ड कर्मचारियों को मोटर सायकल भत्ता, पूर्व की सेवाओं में पूर्ण शिथिलता, निजीकरण, आउट सोर्सिगिं, ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाना, परिवहन भत्ता एवं वेतन विसंगति के निस्तारण सहित अन्य मांगों पर एक सप्ताह के अंदर आदेश जारी किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि परिषद की उच्चाधिकार समिति ने निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह में उक्त मांगों की पूर्ति के समुचित आदेश शासन द्वारा जारी नहीं किए जाते हैं, तो एक पखवाड़े के बाद नौ मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल संगठन द्वारा शुरू की जाएगी। शासन के आश्वासन पर 23 फरवरी से होने वाले हड़ताल को एक पखवाड़े के लिए स्थगित कर दिया गया है। बैठक में राघवेंद्र सिन्हा, अरविंद सिंह, डा. घनश्याम चौबे, धीरज राय, श्ंाभू सिंह, रमाशंकर शर्मा, अमरजीत सिंह, अवधेश कुमार सिंह, देव प्रकाश सिंह, अरुण सिंह, रमावती पांडेय, वाईडी मिश्र, माधुरी ओझा, किरण सिंह, डा. योगेंद्र नाथ पांडेय, सुरेंद्र यादव, आरबी यादव, सुधीर गिरि, संजीव चौबे, रणधीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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इस दौरान संगठन की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने सरकार को चेताया गया कि यदि एक पखवाड़े में सरकार अपने आश्वासन को पूरा नहीं करती तो नौ मार्च से देशभर में कर्मचारी महासंघ हड़ताल को लिए तैयार हैं। जिला मंत्री ब्रजेश सिंह ने कहा कि शासन के मुख्य सचिव के आश्वासन पर प्रदेश नेतृत्व द्वारा सरकार को 15 दिनों की मोहलत दी गई है। यदि सरकार द्वारा 15 दिनों के अंदर कर्मचारियों के जायज मांगों को निर्धारित अवधि के अंदर नहीं मान लिया जाता तो संगठन फिर से पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
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कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की उच्चाधिकार समिति के पदाधिकारियों की मुख्य सचिव स्तर के वार्ता के क्रम में आठ सूत्रीय मांगों जैसे कैशलेस चिकित्सा सुविधा, केंद्र के सामान भत्ते की व्यवस्था, फील्ड कर्मचारियों को मोटर सायकल भत्ता, पूर्व की सेवाओं में पूर्ण शिथिलता, निजीकरण, आउट सोर्सिगिं, ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाना, परिवहन भत्ता एवं वेतन विसंगति के निस्तारण सहित अन्य मांगों पर एक सप्ताह के अंदर आदेश जारी किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि परिषद की उच्चाधिकार समिति ने निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह में उक्त मांगों की पूर्ति के समुचित आदेश शासन द्वारा जारी नहीं किए जाते हैं, तो एक पखवाड़े के बाद नौ मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल संगठन द्वारा शुरू की जाएगी। शासन के आश्वासन पर 23 फरवरी से होने वाले हड़ताल को एक पखवाड़े के लिए स्थगित कर दिया गया है। बैठक में राघवेंद्र सिन्हा, अरविंद सिंह, डा. घनश्याम चौबे, धीरज राय, श्ंाभू सिंह, रमाशंकर शर्मा, अमरजीत सिंह, अवधेश कुमार सिंह, देव प्रकाश सिंह, अरुण सिंह, रमावती पांडेय, वाईडी मिश्र, माधुरी ओझा, किरण सिंह, डा. योगेंद्र नाथ पांडेय, सुरेंद्र यादव, आरबी यादव, सुधीर गिरि, संजीव चौबे, रणधीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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