{"_id":"6969399202f19b164407cdaa","slug":"postmortem-house-will-get-four-new-deep-freezers-ballia-news-c-190-1-bal1001-155897-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: पोस्टमार्टम हाउस को मिलेंगे चार नए डीप फ्रीजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: पोस्टमार्टम हाउस को मिलेंगे चार नए डीप फ्रीजर
विज्ञापन
बलिया। जिला अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। शासन से 40 लाख रुपये में नए उपकरण खरीदने की स्वीकृति मिली है।
इस धनराशि से डेढ़ टन क्षमता के तीन एसी, मोर्चरी के लिए साढ़े चार टन का एक एसी, सीसी टीवी कैमरा, दो आटोसाई टेबल और सिंगल बाॅडी की क्षमता वाले चार डीप फ्रीजर आदि खरीदे जाएंगे। पोस्टमार्टम हाउस के पास अब अपना वीडियो कैमरा होगा। इससे रिकॉर्डिंग की जाएगी।
आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस लंबे समय से दुर्व्यवस्था के शिकार था। आठ डेड बाॅडी की क्षमता वाले वाले पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने के लिए पांच डीप फ्रीजर लगाए गए थे। इसमें से तीन दो वर्ष से ज्यादा समय से खराब पड़े थे। कर्मचारी गर्मी में काम करते थे। मरने के बाद भी शव को सुकून नहीं मिलता था। डीप फ्रीजर के अभाव में शव को बाहर रखना पड़ता था। खासकर गर्मी के दिनों में काफी परेशानी होती थी।
विज्ञापन
सबसे गंभीर हालत अज्ञात शव आने पर होती थी। फ्रीजर के अभाव में शव से उठती गंध से वार्डों में भर्ती मरीज तीमारदार व आसपास के लोग परेशान हो जाते थे। तमाम शिकायत देने के बावजूद कुछ नहीं हो पाता था। सीसी कैमरा न होने से शव की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते थे। पिछले साल अप्रैल माह में तत्कालीन सीएमओ डॉ. विजयपति द्विवेदी के पत्र पर डीप फ्रीजर मरम्मत करने के लिए इंजीनियर आए थे, लेकिन सिर्फ स्टेब्लाइजर की मरम्मत की गई। तीन फ्रीजरों की मरम्मत नहीं हो सकी।
विज्ञापन
इस धनराशि से डेढ़ टन क्षमता के तीन एसी, मोर्चरी के लिए साढ़े चार टन का एक एसी, सीसी टीवी कैमरा, दो आटोसाई टेबल और सिंगल बाॅडी की क्षमता वाले चार डीप फ्रीजर आदि खरीदे जाएंगे। पोस्टमार्टम हाउस के पास अब अपना वीडियो कैमरा होगा। इससे रिकॉर्डिंग की जाएगी।
विज्ञापन
आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस लंबे समय से दुर्व्यवस्था के शिकार था। आठ डेड बाॅडी की क्षमता वाले वाले पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने के लिए पांच डीप फ्रीजर लगाए गए थे। इसमें से तीन दो वर्ष से ज्यादा समय से खराब पड़े थे। कर्मचारी गर्मी में काम करते थे। मरने के बाद भी शव को सुकून नहीं मिलता था। डीप फ्रीजर के अभाव में शव को बाहर रखना पड़ता था। खासकर गर्मी के दिनों में काफी परेशानी होती थी।
विज्ञापन
सबसे गंभीर हालत अज्ञात शव आने पर होती थी। फ्रीजर के अभाव में शव से उठती गंध से वार्डों में भर्ती मरीज तीमारदार व आसपास के लोग परेशान हो जाते थे। तमाम शिकायत देने के बावजूद कुछ नहीं हो पाता था। सीसी कैमरा न होने से शव की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते थे। पिछले साल अप्रैल माह में तत्कालीन सीएमओ डॉ. विजयपति द्विवेदी के पत्र पर डीप फ्रीजर मरम्मत करने के लिए इंजीनियर आए थे, लेकिन सिर्फ स्टेब्लाइजर की मरम्मत की गई। तीन फ्रीजरों की मरम्मत नहीं हो सकी।