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ठंड में कांप रहे लोग, बंडलों में गर्म हो रहे कंबल
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बलिया। गरीबों को ठंड से बचाने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन को कंबल और अलाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी है लेकिन लेखपालों की हड़ताल के चलते कंबल नहीं बट रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। तापमान लुढ़कने और सर्द हवाओं के चलते गलन बढ़ने से गरीब और राहगीर बेहाल हैं।
प्रदेश सरकार ने अलाव जलवाने के लिए प्रत्येक तहसील को पचास-पचास हजार रुपये दिए हैं। साथ ही प्रत्येक तहसील क्षेत्र में गरीबों में वितरण के लिए 900-900 कंबल मुहैया कराए गए हैं।जिले कुल 5400 कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। लेखपालों की हड़ताल के कारण गरीबों का सर्वे नहीं हो पाया है जिसके कारण कंबल नहीं बांटे जा रहे हैं और न ही अलाव जलवाए जा रहे हैं। आलम ये है कि गरीब कंबल के लिए संबंधित तहसील का चक्कर काट रहे हैं। कड़ाके की ठंड के चलते प्रशासनिक अधिकारियोें ने कुछ स्थानों पर कंबल बटवाया है जो नाकाफी है। इसके अलावा समाजसेवियों की ओर से भी कंबल बांटे गए हैं। तहसील स्तर पर कंबल वितरण के लिए लेखपालों को पात्रों की सूची तैयार करनी होती है और लेखपाल के माध्यम से ही कंबल गरीबों तक पहुंचाया जाता है। पिछले कई दिनों से लेखपालों की हड़ताल के कारण कंबल की गांठ तहसीलों में पड़ी हुई है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी हैै। अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने बताया कि सभी तहसीलों को कंबल बंटवाने और अलाव जलवाने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। तहसील के अधिकारियों की ओर से कंबल बांटे जा रहे हैं। कुछ तहसीलों में पात्रों के चयन की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही सभी जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध करा दिया जाएगा।
गांव में नहीं पहुंचा कंबल तो तहसील पहुंची महिलाएं
बलिया। सदर तहसील के गांवों तक सरकारी कंबल नहीं पहुंचे हैं। अलाव भी नहीं जलवाए जा रहे हैं। इसको लेकर परेशान गरीबों ने तहसीलों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। सदर तहसील पर पहुंची घघरौली गांव की धनकेसरी और धनपतिया ने बताया कि गांव में कुछ लोगों ने बताया कि सोमवार को तहसील पर कंबल बंटेगा। इस सूचना के बेद वे कंबल लेने आई हैं लेकिन दो घंटे हो गए साहब नहीं मिले। इसी तरह दुबहर गांव की धनेसरी, फूलझरी और रनिया ने बताया कि तीन दिन पहले आए थे तो साहब ने कहा था कि सोमवार को कंबल मिलेगा लेकिन आज साहब नहीं हैं। बहुत देर से बैठे हैं और साहब का इंतजार कर रहे हैं। इन महिलाओं ने कहा कि इतनी ठंड के बाद भी न तो अलाव जला और न ही किसी को कंबल दिया गया।
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प्रदेश सरकार ने अलाव जलवाने के लिए प्रत्येक तहसील को पचास-पचास हजार रुपये दिए हैं। साथ ही प्रत्येक तहसील क्षेत्र में गरीबों में वितरण के लिए 900-900 कंबल मुहैया कराए गए हैं।जिले कुल 5400 कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। लेखपालों की हड़ताल के कारण गरीबों का सर्वे नहीं हो पाया है जिसके कारण कंबल नहीं बांटे जा रहे हैं और न ही अलाव जलवाए जा रहे हैं। आलम ये है कि गरीब कंबल के लिए संबंधित तहसील का चक्कर काट रहे हैं। कड़ाके की ठंड के चलते प्रशासनिक अधिकारियोें ने कुछ स्थानों पर कंबल बटवाया है जो नाकाफी है। इसके अलावा समाजसेवियों की ओर से भी कंबल बांटे गए हैं। तहसील स्तर पर कंबल वितरण के लिए लेखपालों को पात्रों की सूची तैयार करनी होती है और लेखपाल के माध्यम से ही कंबल गरीबों तक पहुंचाया जाता है। पिछले कई दिनों से लेखपालों की हड़ताल के कारण कंबल की गांठ तहसीलों में पड़ी हुई है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी हैै। अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने बताया कि सभी तहसीलों को कंबल बंटवाने और अलाव जलवाने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। तहसील के अधिकारियों की ओर से कंबल बांटे जा रहे हैं। कुछ तहसीलों में पात्रों के चयन की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही सभी जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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गांव में नहीं पहुंचा कंबल तो तहसील पहुंची महिलाएं
बलिया। सदर तहसील के गांवों तक सरकारी कंबल नहीं पहुंचे हैं। अलाव भी नहीं जलवाए जा रहे हैं। इसको लेकर परेशान गरीबों ने तहसीलों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। सदर तहसील पर पहुंची घघरौली गांव की धनकेसरी और धनपतिया ने बताया कि गांव में कुछ लोगों ने बताया कि सोमवार को तहसील पर कंबल बंटेगा। इस सूचना के बेद वे कंबल लेने आई हैं लेकिन दो घंटे हो गए साहब नहीं मिले। इसी तरह दुबहर गांव की धनेसरी, फूलझरी और रनिया ने बताया कि तीन दिन पहले आए थे तो साहब ने कहा था कि सोमवार को कंबल मिलेगा लेकिन आज साहब नहीं हैं। बहुत देर से बैठे हैं और साहब का इंतजार कर रहे हैं। इन महिलाओं ने कहा कि इतनी ठंड के बाद भी न तो अलाव जला और न ही किसी को कंबल दिया गया।

खास गांव- ससना बहादुरपूर गांव में आपस में चर्चा करते लोग।- फोटो : BALLIA
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