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तीन जोड़ों में मनमुटाव कराया दूर
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:53 AM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को सिविल कोर्ट परिसर में मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जिला जज चंद्रहास राम की देखरेख में तीन जोड़ों मेें सुलह कराकर उनके ससुराल भेजा गया। कुल 1068 वादों का निपटारा किया गया।मेगा लोक अदालत में विशेष न्यायाधीश की अदालत में विद्युत अधिनियम के आठ मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें 28000 अर्थदंड जमा कराए गए। परिवार न्यायाधीश आरएस सिंह की अदालत में तीन भरण पोषण के मामले का निस्तारण किया गया।
जिसमें तीन जोड़ विवाहिताओं को उनके पतियों के साथ आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विदा कराया गया। इसी क्रम में अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी तृतीय रत्नेश मणि त्रिपाठी की अदालत में एक भरण पोषण के वाद का निपटारा किया गया। जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित मालवीय की अदालत में 280 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 50 हजार 620 रुपये शमन शुल्क जमा कराए गए। इसके अलावा तीन अन्य वादों का निपटारा कराया गया। एसीजेएम द्वितीय फौजदारी राजमणि की अदालत में 49 वादों का निपटारा किया गया।
इसी क्रम में सिविल जज पूर्वी लाल बहादुर गौर की अदालत में तीन वादों का निस्तारण किया गया। जेएम प्रथम सौरभ कुमार वर्मा की अदालत में 14 वादों का निस्तारण किया गया।
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जिसमें तीन जोड़ विवाहिताओं को उनके पतियों के साथ आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विदा कराया गया। इसी क्रम में अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी तृतीय रत्नेश मणि त्रिपाठी की अदालत में एक भरण पोषण के वाद का निपटारा किया गया। जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित मालवीय की अदालत में 280 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 50 हजार 620 रुपये शमन शुल्क जमा कराए गए। इसके अलावा तीन अन्य वादों का निपटारा कराया गया। एसीजेएम द्वितीय फौजदारी राजमणि की अदालत में 49 वादों का निपटारा किया गया।
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इसी क्रम में सिविल जज पूर्वी लाल बहादुर गौर की अदालत में तीन वादों का निस्तारण किया गया। जेएम प्रथम सौरभ कुमार वर्मा की अदालत में 14 वादों का निस्तारण किया गया।
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